श्रम संहिताओं को लेकर शोरगुल के विपरीत, श्रम संहिताएं श्रमिक विरोधी नहीं हैं और समावेशी नीतियों के साथ ‘कॉर्पोरेट समर्थक’ होने के दावों का मुकाबला करती है
श्रम संहिता पुराने कानूनों को आधुनिक बनाती है, पुराने प्रावधानों को स्पष्ट परिभाषाओं से बदल देती है। वे श्रमिकों को अधिकार, सुरक्षा और अवसर प्रदान करके उन्हें सशक्त बनाती हैं…
