रायपुर। क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर कोचिंग संचालक से एक करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आरोप है कि पांच लोगों ने मिलकर शिक्षक को ट्रेडिंग कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक मुनाफा होने और निवेशकों को आठ से 10 प्रतिशत तक निश्चित लाभ देने का झांसा दिया। शुरुआत में कुछ समय तक लाभ देकर आरोपितों ने उनका विश्वास जीता। इसके बाद शिक्षक ने अपनी जमा पूंजी के साथ बैंक से ऋऋष्ण और अन्य स्रोतों से रकम जुटाकर करोड़ों रुपये निवेश कर दिए। मूल रकम वापस मांगने पर आरोपित अलग-अलग बहाने बनाते रहे।
छात्र घर छोड़कर हुई फरार बाद में परिवार के एक सदस्य ने व्यक्तिगत गारंटी देकर दोबारा निवेश करने के लिए कहा। शिक्षक ने तीन फरवरी 2026 को फिर 9.90 लाख रुपये दिए। आरोप है कि इसके दो दिन बाद ही पांचों आरोपित मोबाइल फोन बंद कर रायपुर स्थित निवास छोड़कर फरार हो गए। मामले में आजाद चौक पुलिस ने पांच आरोपितों नेहल अग्रवाल,
ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा के तहत अपराध दर्ज किया है। कोचिंग के विद्यार्थी से हुई थी पहचान समता कालोनी, बैंक आफ बड़ौदा के पीछे रहने वाले पुष्कर जैन ने पुलिस को शिकायत
दी है। वह पेशे से शिक्षक हैं और समता कालोनी स्थित गोदावरी सेवा सदन में प्राइम प्रोफेशनल क्लासेस के नाम से कामर्स की कोचिंग चलाते थे। वर्ष 2020-21 में उनकी पहचान उनके कोचिंग विद्यार्थी नेहल अग्रवाल से हुई थी। शिकायत के मुताबिक नेहल ने उन्हें बताया कि वह ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और अपने परिवार के अन्य सदस्यों के साथ क्रिप्टो करेंसी और यूएसडीटी ट्रेडिंग का कारोबार करता है। आरोपितों ने दावा किया कि इस कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक लाभ होता है और उनके साथ पैसा लगाने वाले लोगों को आठ से 10 प्रतिशत तक निश्चित मुनाफा दिया जाता है। नेहल ने यह भी बताया कि उसका खुद का करीब तीन करोड़ रुपये इस कारोबार में लगा हुआ है। पहले कुछ समय मुनाफा दिया, फिर बढ़ती गई रकम शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपितों ने शुरुआत में कुछ समय तक उन्हें लाभ दिया।

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