बिलासपुर। रूस में रोजगार की तलाश में गए छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के बिल्हा निवासी विनीत कुमार दुबे की स्थिति को लेकर उनका परिवार गहरी चिंता में है। विनीत की बहन आशी दुबे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत सरकार, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास मॉस्को और छत्तीसगढ़ सरकार से अपने भाई की सुरक्षित वापसी के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार का कहना है कि उन्हें अब तक विनीत की वास्तविक स्थिति के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
आशी दुबे ने बताया कि उनके बड़े भाई विनीत कुमार दुबे अक्टूबर 2026 में रोजगार की तलाश में रूस गए थे। वहां नौकरी के लिए उनका संपर्क टेलीग्राम के माध्यम से हुआ था। 7 अक्टूबर के आसपास परिवार का उनसे नियमित संपर्क टूट गया। बाद में परिजनों को जानकारी मिली कि रूस में उन्हें हिरासत में लिया गया है और उनके खिलाफ ड्रग्स से संबंधित मामला दर्ज किया गया है।
आशी के अनुसार, 9 अक्टूबर को किशोर नामक एक व्यक्ति ने परिवार से संपर्क किया। उसने बताया कि उसका मामला भी विनीत जैसा था और वहां लोगों को ड्रग्स के मामलों में फंसाने तथा युद्ध में भेजे जाने जैसी परिस्थितियां सामने आती हैं। इसके बाद 11 अक्टूबर को व्लाद नामक व्यक्ति ने संपर्क कर बताया कि वह विनीत के साथ एक ही सेल में था। उसने दावा किया कि विनीत उसके सामने रो रहे थे और घर वापस आने के लिए मदद मांग रहे थे।
वकील के लिए मांगे गए छह लाख रूसी रूबल
आशी ने बताया कि किशोर ने विनीत के वकील की व्यवस्था कराने के नाम पर लगभग छह लाख रूसी रूबल की मांग की थी। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह इतनी बड़ी रकम जुटा सके। इसी वजह से उन्होंने भारत सरकार और संबंधित अधिकारियों से मदद की गुहार लगाई।
आत्महत्या की सूचना से परिवार सदमे में
आशी के मुताबिक, 27 अक्टूबर को व्लाद ने उनके पिता को फोन कर बताया कि विनीत ने आत्महत्या कर ली है। इस सूचना के बाद पूरा परिवार सदमे में है। हालांकि, परिवार को अब तक न तो किसी सरकारी एजेंसी से इसकी आधिकारिक पुष्टि मिली है और न ही मृत्यु प्रमाणपत्र या पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराई गई है।
उन्होंने यह भी बताया कि इसके बाद किशोर ने विनीत के पासपोर्ट की फोटो मांगी और कहा कि एम्बेसी का कोई व्यक्ति इसे मांग रहा है। इस पर परिवार ने स्पष्ट किया कि यदि भारतीय दूतावास को किसी दस्तावेज की आवश्यकता है तो वह सीधे आधिकारिक माध्यम से संपर्क करे। परिवार की ओर से संबंधित अधिकारियों को ईमेल भी भेजे जा चुके हैं।
सरकार से सात सूत्रीय मांग
आशी दुबे ने सरकार से मांग की है कि विनीत की वर्तमान स्थिति की तत्काल आधिकारिक पुष्टि कराई जाए। यदि वे जीवित हैं तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए कानूनी प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए। यदि उनकी मृत्यु की सूचना सही है तो परिवार को मृत्यु प्रमाणपत्र, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित सभी आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएं और निष्पक्ष जांच कराई जाए।
इसके अलावा रूस में उनकी गिरफ्तारी और उनके साथ हुई परिस्थितियों की जांच, परिवार को कानूनी सहायता, भारतीय दूतावास के माध्यम से नियमित जानकारी तथा भारत और रूस के संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय स्थापित करने की मांग भी की गई है।
युवाओं से विदेश में नौकरी के नाम पर सतर्क रहने की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में आशी ने युवाओं और उनके परिवारों से अपील की कि विदेश में नौकरी का प्रस्ताव मिलने पर संबंधित कंपनी, एजेंट, वीजा और नौकरी की पूरी जांच-पड़ताल करें। अनजान टेलीग्राम ग्रुप या व्यक्तियों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
आशी ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वह किसी पर आरोप लगाने नहीं आई हैं। उनकी मांग सिर्फ इतनी है कि उनके भाई की वास्तविक स्थिति सामने आए और यदि वे जीवित हैं तो उन्हें सुरक्षित भारत वापस लाया जाए। उन्होंने कहा कि वह एक बहन के रूप में अपने भाई की घर वापसी के लिए हर उचित कानूनी और सरकारी सहायता चाहती हैं। उन्होंने मीडिया से भी इस मामले को संबंधित अधिकारियों और सरकार तक पहुंचाने में सहयोग करने की अपील की।