रायपुर पुलिस की कार्रवाई, छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक फैली संपत्तियों पर लगेगी रोक; मामले में अब तक 29 आरोपी गिरफ्तार

रायपुर, 16 अक्टूबर 2026। ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप 3Stumps के जरिए सट्टा संचालित करने के मामले में रायपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मामले के मुख्य आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश न्यायालय ने जारी किया है। कुर्की की कार्रवाई के दायरे में छत्तीसगढ़ के महासमुंद और रायपुर में स्थित जमीन के अलावा महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक व्यावसायिक दुकान तथा बैंक में जमा राशि शामिल है।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के सेंट्रल जोन में थाना गंज पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ यह कार्रवाई की है। पुलिस ने अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत न्यायालय में कुर्की का आवेदन प्रस्तुत किया था। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने विविध दांडिक प्रकरण क्रमांक 1353/2026 में 16 अक्टूबर को आदेश पारित किया।
कॉल सेंटर और बैंक खातों के जरिए चल रहा था सट्टा
पुलिस के मुताबिक, थाना गंज में दर्ज अपराध क्रमांक 110/2026 के तहत 13 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप 3Stumps के जरिए सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का खुलासा किया गया था। मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी बाबू उर्फ गुलशन खेमानी अपने सहयोगियों की मदद से कॉल सेंटर, विभिन्न मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर ऑनलाइन सट्टा संचालित करता था। सट्टे से प्राप्त रकम पहले अन्य लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और फिर अलग-अलग माध्यमों से मुख्य आरोपी के खातों में स्थानांतरित की जाती थी। इसके बदले सहयोगियों को कमीशन दिया जाता था। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी सहित कुल 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इससे पहले करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये मूल्य की सामग्री और वाहन भी जब्त किए गए थे।
इन संपत्तियों पर होगी कुर्की की कार्रवाई
पुलिस की वित्तीय जांच में आरोपियों की संपत्तियों और बैंक लेनदेन की पड़ताल के दौरान कथित तौर पर अपराध से अर्जित संपत्तियों की पहचान की गई। न्यायालय के आदेश में शामिल संपत्तियों का विवरण इस प्रकार है—
कृषि भूमि: महासमुंद जिले के ग्राम अरंड में स्थित, मूल्य लगभग 1.78 लाख रुपये।
भूखंड रायपुर के देवपुरी में स्थित, मूल्य लगभग 23 लाख रुपये।
भूखंड:जोरा पारा में स्थित, मूल्य लगभग 2.50 लाख रुपये।
व्यावसायिक दुकान:महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में स्थित, मूल्य लगभग 74 लाख रुपये।
बैंक में जमा राशि:** बैंक ऑफ इंडिया के एफडी खाते से संबंधित 40.50 लाख रुपये की अंकित राशि।
पुलिस के अनुसार, इन संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1 करोड़ 42 लाख रुपये है।
संपत्तियों के हस्तांतरण पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू
न्यायालय के आदेश के पालन में संबंधित राजस्व अधिकारियों, पंजीयन कार्यालयों और बैंक प्रबंधन को पत्र जारी किए गए हैं। इन पत्रों के माध्यम से संबंधित संपत्तियों के हस्तांतरण और बैंक में जमा धनराशि के अंतरण पर रोक लगाने की कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही आगे की वैधानिक प्रक्रिया के लिए संबंधित जिलों के कलेक्टरों को भी पत्र भेजे गए हैं।
रायपुर पुलिस कमिश्नरेट के अनुसार, संगठित अपराधों के मामलों में कार्रवाई अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी और सामग्री जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध से अर्जित धनराशि, अचल संपत्तियों और आर्थिक नेटवर्क की भी जांच की जाएगी। पुलिस का कहना है कि वित्तीय जांच के आधार पर अन्य गंभीर और संगठित अपराधों में भी संपत्ति कुर्क करने की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।