रायपुर, 17 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है, वहीं 14 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं।
मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर में आयोजित विभिन्न गरबा एवं नवरात्रि महोत्सवों में शामिल हुए और प्रदेशवासियों को नवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कालीबाड़ी स्थित मां काली मंदिर में दर्शन-पूजन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके अलावा मंडी परिसर, भानपुरी, गोवर्धन नगर और अमलीडीह में आयोजित गरबा एवं नवरात्रि कार्यक्रमों में भी सहभागिता की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गरबा केवल नृत्य नहीं, बल्कि आस्था, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक एकता का प्रतीक है। ऐसे आयोजन समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करते हैं। महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता से परिवार और समाज सशक्त होता है तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की पावन भूमि है, जहां मां दंतेश्वरी, मां बम्लेश्वरी, मां महामाया और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। राज्य सरकार ‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना के साथ प्रदेश की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण तथा आस्था केंद्रों के विकास के लिए कार्य कर रही है।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, देवजी भाई पटेल, जयंती पटेल, जगदीश पटेल सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
