रायपुर, 14 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार, आवश्यक दवाइयां और जांच सुविधाएं उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने और अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने जिला अस्पतालों से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक चिकित्सकों, दवाइयों, जांच सुविधाओं और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता पर जोर दिया। उन्होंने रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने तथा खराब उपकरणों की समयबद्ध मरम्मत सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 1,045 स्वास्थ्य संस्थानों में अटल आरोग्य लैब संचालित हैं। वर्तमान में 33 स्थानों पर डायलिसिस की सुविधा है, जबकि 25 नए डायलिसिस केंद्र शुरू किए जा रहे हैं।
साय ने मातृ-शिशु स्वास्थ्य, सुरक्षित संस्थागत प्रसव और टीकाकरण सेवाओं को मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दुर्गम और वनांचल क्षेत्रों में जहां एम्बुलेंस नहीं पहुंच सकती, वहां मरीजों को निकटतम स्वास्थ्य केंद्र या एम्बुलेंस प्वाइंट तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक परिवहन व्यवस्था विकसित की जाए। प्रदेश में 108 संजीवनी एक्सप्रेस के 375 एम्बुलेंस और 102 महतारी एक्सप्रेस के 380 वाहन उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में मृत्यु होने पर परिजनों को समय पर शव वाहन उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।
चिकित्सा शिक्षा की समीक्षा में बताया गया कि प्रदेश में 15 शासकीय, छह निजी मेडिकल कॉलेज और एक एम्स सहित कुल 22 चिकित्सा संस्थान हैं। इसके अलावा छह नए मेडिकल कॉलेज स्वीकृत किए गए हैं। शासकीय नर्सिंग कॉलेजों की संख्या आठ से बढ़कर 17 और फिजियोथेरेपी कॉलेजों की संख्या एक से बढ़कर सात हो गई है। एलाइड हेल्थ के 11 पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत और मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का लाभ पात्र मरीजों तक पहुंचाने, सिकल सेल की जांच एवं जागरूकता बढ़ाने तथा मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। उन्होंने आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए मिठाइयों, दुग्ध उत्पादों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रदेशभर में सघन अभियान चलाने तथा मिलावट पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।