रायपुर, 11 अक्टूबर 2026 महिलाओं एवं बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराधों, उत्पीड़न और असुरक्षा के मुद्दे को लेकर राजधानी रायपुर में महिलाओं एवं युवतियों ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर अपनी आवाज़ बुलंद की। महिला थाना चौक से शुरू हुआ यह मार्च नारी सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की मांग के साथ आगे बढ़ा। प्रदर्शन में महिलाओं के साथ युवाओं ने भी भागीदारी निभाई।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने “नारी सुरक्षा हमारा अधिकार है, कोई एहसान नहीं” और “एक कचौरी, दो समोसे, इन मर्दों का क्या भरोसा!” जैसे नारों के साथ अपनी बात रखी। छात्राओं के इस नारे ने प्रदर्शन के दौरान लोगों का ध्यान आकर्षित किया। मोतीबाग चौक के पास पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिसके बाद मौके पर जोरदार नारेबाजी हुई। प्रदर्शनकारियों ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर शासन-प्रशासन से जवाबदेही की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा केवल कागज़ों और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। स्कूल-कॉलेजों, सड़कों, सार्वजनिक परिवहन और कार्यस्थलों पर सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि महिलाएं बिना डर के कहीं भी आ-जा सकें।
इस दौरान मुफ्त सैनिटरी पैड की उपलब्धता, छात्राओं की सुरक्षा, महिला पुलिस गश्त, कार्यस्थलों पर महिलाओं के अधिकार, साइबर अपराधों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ितों को त्वरित न्याय सहित विभिन्न मुद्दे उठाए गए। इन मांगों को लेकर 15 सूत्रीय मांग-पत्र शासन के समक्ष सौंपा गया।
प्रियंका उपाध्याय ने कहा, “महिलाओं की सुरक्षा कोई एहसान नहीं, हमारा अधिकार है। हर लड़की को बिना डर के घर से बाहर निकलने और सुरक्षित माहौल में जीने का अधिकार मिलना चाहिए।
पुनेश्वर लहरे ने कहा, “महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई में युवाओं को भी आगे आना होगा। महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई हो और उनकी जायज़ मांगों को गंभीरता से सुना जाए।”
प्रदर्शन के माध्यम से शासन-प्रशासन से मांग की गई कि महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाए जाएं और 15 सूत्रीय मांग-पत्र पर गंभीरता से विचार किया जाए।
प्रदर्शन में प्रियंका उपाध्याय, लिली श्रीवास , पुनेश्वर लहरे, मंजिमा सांडिल ,मिताली , रागनी ,रूबेन, इंडिया उपासना , निधि, सौरभ ,उनती , खुशबू , अयूब, नयनसी , लिज़ा , नियाज़, चंद्रभूषण , स्वाति ,आदि युवा मौजूद थे ।