रायपुर, 11 अक्टूबर 2026। विश्व गठिया दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ चैप्टर ऑफ इंडियन रूमेटोलॉजी एसोसिएशन (CGIRA) द्वारा रायपुर प्रेस क्लब के सहयोग से रविवार को जन-जागरूकता प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों ने गठिया एवं अन्य संधि रोगों के लक्षण, समय पर पहचान, उचित उपचार और इन बीमारियों से जुड़ी भ्रांतियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की कि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन और सुबह के समय अकड़न जैसे लक्षणों को सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज न करें तथा समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लें।
गठिया केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं
विशेषज्ञों ने बताया कि गठिया के विभिन्न प्रकार बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों सहित किसी भी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित कर सकते हैं। जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन, सुबह उठने पर अकड़न और चलने-फिरने में परेशानी इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, रुमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली गलती से अपने ही जोड़ों पर हमला करने लगती है। समय पर बीमारी की पहचान और उचित उपचार नहीं मिलने पर जोड़ों को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
बिना सलाह दर्द निवारक दवाओं और स्टेरॉयड के सेवन से बचें
प्रेस कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी कि जोड़ों में लगातार दर्द, सूजन या सुबह के समय अधिक अकड़न होने पर स्वयं दवाएं लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श करें। दर्द निवारक दवाओं और स्टेरॉयड का लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह के सेवन नुकसानदायक हो सकता है।
उन्होंने कहा कि गठिया की शीघ्र पहचान और सही उपचार से जोड़ों को होने वाले नुकसान तथा विकलांगता के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार व्यायाम को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।
भ्रांतियों से बचें, प्रभावी उपचार उपलब्ध
विशेषज्ञों ने कहा कि गठिया को केवल उम्र बढ़ने के साथ होने वाला सामान्य जोड़ों का दर्द मानना सही नहीं है। गठिया के कई प्रकारों के लिए प्रभावी उपचार उपलब्ध हैं। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लेने और उपचार का नियमित पालन करने से बीमारी को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है तथा मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में CGIRA के अध्यक्ष डॉ. जगबीर सिंह कनेट, सचिव डॉ. जॉयदीप सामंता सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य चिकित्सक उपस्थित रहे। उन्होंने जन-जागरूकता को गठिया की समय पर पहचान और उपचार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
विशेषज्ञों का संदेश है कि सही जानकारी, समय पर पहचान और उचित उपचार से गठिया के प्रभाव को कम करने तथा स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिल सकती है।
