रायपुर, 8 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना-2026 की अवधि बढ़ाकर अब 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के राजनांदगांव क्षेत्र में योजना का लाभ अब तक 65,062 उपभोक्ताओं को मिल चुका है। इन उपभोक्ताओं को मूल बकाया राशि और अधिभार (सरचार्ज) में कुल 19 करोड़ 46 लाख रुपये की छूट प्रदान की गई है।
राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में योजना का व्यापक स्तर पर क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना में पात्र बीपीएल, घरेलू और कृषि श्रेणी के उपभोक्ताओं को पुराने बिजली बिलों के बकाये के निपटारे पर निर्धारित प्रावधानों के तहत राहत दी जा रही है।
31,392 निष्क्रिय और 33,669 सक्रिय उपभोक्ता लाभान्वित
योजना से लाभान्वित 65,062 उपभोक्ताओं में 31,392 निष्क्रिय उपभोक्ता तथा 33,669 पात्र सक्रिय उपभोक्ता शामिल हैं। लाभ लेने वाले उपभोक्ताओं ने अब तक लगभग 5 करोड़ 89 लाख रुपये की बकाया राशि बिजली कंपनी में जमा कराई है। इससे उपभोक्ताओं को पुराने आर्थिक बोझ से राहत मिलने के साथ ही बिजली कंपनी के राजस्व संग्रहण को भी गति मिली है।
कवर्धा संभाग में सबसे अधिक लाभ
राजनांदगांव क्षेत्र के सात विद्युत संभागों में योजना को लेकर उपभोक्ताओं की अच्छी भागीदारी रही। कवर्धा संभाग में 24,415, पंडरिया में 21,234, राजनांदगांव में 6,023, डोंगरगढ़ में 5,351, खैरागढ़ में 3,670, मोहला में 3,076 और डोंगरगांव संभाग में 1,293 उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ उठाया है।
66 वितरण केंद्रों और तीन जोनों में अभियान
राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता हर्ष कुमार मेश्राम ने बताया कि पात्र उपभोक्ताओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए 66 वितरण केंद्रों और तीन जोनों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभागीय अधिकारी-कर्मचारी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पहुंचकर उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता, मिलने वाली छूट और बकाया राशि के निपटारे की प्रक्रिया की जानकारी दे रहे हैं।
31 दिसंबर तक मिलेगा लाभ
मुख्य अभियंता मेश्राम ने 31 मार्च 2023 से पूर्व के बकाया बिजली बिल वाले पात्र बीपीएल, घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं से योजना का लाभ लेने की अपील की है। पात्र उपभोक्ता 31 दिसंबर 2026 तक अपने निकटतम विद्युत वितरण केंद्र या जोन कार्यालय में संपर्क कर बकाया राशि का निपटारा करा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और किसानों को पुराने बिजली बिलों के बोझ से राहत दिलाना है, ताकि वे विद्युत सेवाओं का निर्बाध रूप से लाभ उठा सकें।
