रायपुर, 23 अक्टूबर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की बल्क परचेस नीति से गृह निर्माण मंडल के रिक्त आवासों की बिक्री को गति मिली है। दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर और आरंग में विभिन्न शासकीय एवं निजी संस्थाओं ने अब तक 226 आवास लगभग 42.17 करोड़ रुपये में खरीदे हैं।
जीएसटी विभाग ने चार शहरों में 68 आवास लगभग 23.77 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। वहीं, नवा रायपुर में मेफेयर संस्था ने 128 मकान 16.20 करोड़ रुपये और मैट्स विश्वविद्यालय ने आरंग में 30 मकान 2.20 करोड़ रुपये में खरीदे हैं। इसके अलावा विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय ने नवा रायपुर में 128 फ्लैट खरीदने का निर्णय लिया है, जिनकी अनुमानित कीमत 16.20 करोड़ रुपये है।
वित्त एवं आवास मंत्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में लागू इस पहल का उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े आवासों का बेहतर उपयोग और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ाना है। मंडल अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि इससे आवासों का उपयोग बढ़ेगा और मंडल की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। पात्र EWS और LIG हितग्राहियों को पूर्ववत सरकारी अनुदान मिलता रहेगा, जबकि अन्य आय वर्ग और संस्थाएं बिना अनुदान के आवास खरीद सकेंगी।