ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज पुलिस की कार्रवाई, 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में कानपुर से पकड़ा गया आरोपी
आरोपियों के खिलाफ देश के 11 थानों और साइबर सेल में दर्ज हैं रिपोर्ट, मोबाइल जांच में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की फर्जी आईडी के भी मिले साक्ष्य
रायपुर।ऑपरेशन साइबर शील्ड के तहत रायपुर रेंज पुलिस ने साइबर अपराध के दो अलग-अलग मामलों में उत्तर प्रदेश के कानपुर क्षेत्र से दो अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक आरोपी ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाई थी, जबकि दूसरे पर शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ देश के विभिन्न 11 थानों और साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज है।पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज अमरेश मिश्रा ने रेंज साइबर थाना रायपुर को साइबर अपराधों में शामिल मुख्य आरोपियों के खिलाफ तकनीकी साक्ष्य जुटाकर गिरफ्तारी करने के निर्देश दिए थे। इसी के तहत पुलिस ने दोनों मामलों में तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर आरोपियों की पहचान की और उन्हें गिरफ्तार किया।
आईएएस अधिकारी के नाम से बनाई फर्जी फेसबुक आईडी
पहले मामले में प्रार्थी सुशांत पनका ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सुबोध कुमार सिंह के नाम से अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेसबुक पर फर्जी आईडी बनाए जाने की सूचना दी थी। इस पर थाना राखी में अपराध क्रमांक 153/26 के तहत बीएनएस की धारा 319(2), 336(3) और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) में मामला दर्ज कर जांच रेंज साइबर थाना रायपुर को सौंपी गई।
जांच के दौरान फेसबुक, गूगल और मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनियों से प्राप्त जानकारी का तकनीकी विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर उत्तर प्रदेश के हमीरपुर निवासी अर्जुन कुमार जाटव (23) की पहचान की गई। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी की गतिविधियों में शामिल था।
आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर के अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाए जाने के साक्ष्य भी मिले हैं। पुलिस का कहना है कि इन मामलों में भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 88 लाख की ठगी
दूसरे मामले में प्रार्थी रश्मि शर्मा ने शेयर ट्रेडिंग में मुनाफा दिलाने के नाम पर 88 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत रेंज साइबर थाना रायपुर में दर्ज कराई थी। इस मामले में अपराध क्रमांक 14/24 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 3(5), 238, 111 तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही थी।
पुलिस ने बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और व्हाट्सऐप से प्राप्त जानकारियों का विश्लेषण कर मुख्य आरोपियों की पहचान की। जांच में कानपुर निवासी प्रवीण कुमार दीक्षित (46) का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने साथी के साथ मिलकर ‘दीक्षित एजेंसी’ नाम की फर्जी कंपनी के जरिए बैंक खाते खुलवाता था और धोखाधड़ी से प्राप्त रकम इन खातों में हासिल करता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा इस्तेमाल किए गए बैंक खाते के संबंध में देश के विभिन्न 11 थानों और साइबर सेल में शिकायतें दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान पुलिस को अन्य आरोपियों के संबंध में भी जानकारी मिली है।
दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की तैयारी
रायपुर रेंज पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस दोनों मामलों में अन्य संभावित आरोपियों और साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
