रायपुर। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए रायपुर कमिश्नरेट पुलिस द्वारा आदतन एवं असामाजिक तत्वों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस ने लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आरोपी मोनिका सचदेव के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की है।
पुलिस के मुताबिक, मोनिका सचदेव पति जियाउल, उम्र 35 वर्ष, निवासी शंकर देवांगन का मकान, काजल किराना स्टोर्स के पास, रावतपुरा कॉलोनी, टिकरापारा, रायपुर के खिलाफ छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5(क)(ख) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपीया थाना टिकरापारा की सक्रिय गुंडा बदमाश एवं गैंग हिस्ट्रीशीटर है।
पुलिस उपायुक्त पश्चिम क्षेत्र के प्रतिवेदन के आधार पर हुई जांच में सामने आया कि मोनिका सचदेव के खिलाफ वर्ष 2005 से अब तक थाना सिटी कोतवाली, टिकरापारा, गोलबाजार और सिविल लाइन में कुल 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। इन मामलों में मारपीट, अवैध वसूली, लूट, आबकारी अधिनियम और एनडीपीएस एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के अपराध शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपीया के खिलाफ दर्ज मामलों में वर्ष 2005 का कोतवाली थाना अपराध क्रमांक 292/2005, वर्ष 2008 के दो मामले, वर्ष 2010 के तीन मामले, वर्ष 2011, 2012 और 2013 के मामले, वर्ष 2015 और 2016 के प्रकरण, वर्ष 2017 में टिकरापारा थाने के दो मामले, वर्ष 2020 का मामला, वर्ष 2022 का सिविल लाइन थाना प्रकरण और वर्ष 2024 का गोलबाजार थाना प्रकरण शामिल हैं। वर्ष 2015, 2017 और 2022 के मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत भी अपराध दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि आरोपीया की गतिविधियों के कारण रावतपुरा कॉलोनी क्षेत्र में भय का माहौल होने तथा लोगों के उसके खिलाफ शिकायत करने से डरने की जानकारी सामने आई है।
इन तथ्यों के आधार पर पुलिस कमिश्नर रायपुर ने 30 सितंबर 2026 को जिला बदर का आदेश जारी किया। आदेश के तहत मोनिका सचदेव को रायपुर, दुर्ग, धमतरी, महासमुंद, बलौदाबाजार और गरियाबंद जिलों की राजस्व सीमाओं से 2 माह के लिए निष्कासित किया गया है।
रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने कहा कि कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले आदतन अपराधियों के खिलाफ आगे भी प्रतिबंधात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
