रायपुर/देहरादून, 25 सितंबर। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल संसद की प्राक्कलन समिति (एस्टिमेट्स कमेटी) के आधिकारिक अध्ययन दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे। समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल और अन्य सांसदों के साथ उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में दर्शन-पूजन कर देश एवं छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की।
अध्ययन दौरे के दौरान केदारनाथ में ‘देश में धार्मिक स्थलों पर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा संबंधी मुद्दों का आकलन’ विषय पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय तथा उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं, सुरक्षा, आवागमन और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सुगम आवागमन, आधुनिक बुनियादी ढांचा, बेहतर आपदा प्रबंधन और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि अध्ययन समिति के अनुभव और सुझावों का उपयोग देश के अन्य तीर्थस्थलों के विकास में किया जा सकता है।
छत्तीसगढ़ के तीर्थस्थलों के विकास पर जोर
अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के विकास का मुद्दा भी बैठक में रखा। उन्होंने डोंगरगढ़ के मां बम्लेश्वरी धाम, दंतेवाड़ा के मां दंतेश्वरी मंदिर, भोरमदेव, राजिम के राजीव लोचन मंदिर और सिरपुर जैसे स्थलों में आधुनिक अधोसंरचना, कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था के विस्तार की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों से प्राप्त अनुभवों का लाभ छत्तीसगढ़ के तीर्थ पर्यटन को भी मिल सकता है।
माना गांव में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा
केदारनाथ और बद्रीनाथ के दौरे के बाद सांसद अग्रवाल ने समिति के साथ भारत-चीन सीमा से लगे देश के प्रथम गांव माना का दौरा किया। यहां गृह मंत्रालय, उत्तराखंड सरकार और स्थानीय हितधारकों के साथ वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा की गई।
बैठक में सीमावर्ती गांवों में सड़क, संचार, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय आजीविका से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। अग्रवाल ने कहा कि सीमावर्ती गांव देश की सुरक्षा और संप्रभुता के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं और इनके सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देना जरूरी है।