रायपुर, 10 सितंबर 2026। लोक निर्माण विभाग ने सड़क और पुल निर्माण कार्यों में अत्यंत धीमी प्रगति और काम पूरा करने में रुचि नहीं लेने वाले छह ठेकेदारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करने, बार-बार नोटिस के बावजूद काम में सुधार नहीं होने और कार्य पूर्ण करने के लिए दिए गए आश्वासनों के बाद भी प्रगति नहीं होने पर इनके पंजीयन के नवीनीकरण पर रोक लगा दी है। इनमें से दो ठेकेदारों के पंजीयन निरस्त भी किए गए हैं।
यह कार्रवाई विशेष रूप से बस्तर संभाग में निर्माणाधीन सड़कों और पुलों में हो रही देरी को लेकर की गई समीक्षा के बाद की गई है। शासन के अनुसार संबंधित ठेकेदारों को कई बार नोटिस जारी किए गए थे। इसके अलावा ठेकेदारों ने काम पूरा करने के लिए शपथ पत्र भी दिए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता कार्यालय ने के. मोहन रेड्डी, मेसर्स शांति विजय कन्स्ट्रक्शन, मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा., मेसर्स राघवा कन्स्ट्रक्शन, मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर और मेसर्स पंकज हालदार के खिलाफ पंजीयन अ-नवीनीकरण के आदेश जारी किए हैं। वहीं के. मोहन रेड्डी और मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई की गई है।
विभाग के अनुसार मेसर्स राघवा कन्स्ट्रक्शन द्वारा सुकमा जिले के चिंतलनार-मरियागुड़म और कोंटा-गोलापल्ली मार्ग का निर्माण किया जा रहा था। इसके पंजीयन को आगामी पांच वर्षों तक अ-नवीनीकरण किया गया है। इसी तरह नारायणपुर जिले के नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग का निर्माण कर रहे मेसर्स शांति विजय कन्स्ट्रक्शन के पंजीयन के नवीनीकरण पर भी पांच वर्ष की रोक लगाई गई है।
मेसर्स ट्रांसाफ्ट इंफ्रा. के खिलाफ चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग के निर्माण में लापरवाही को लेकर पंजीयन निरस्त करते हुए आदेश की तारीख से आगामी पांच वर्षों तक अ-नवीनीकरण की कार्रवाई की गई है। वहीं सुकमा जिले के भेज्जी-चिंतागुफा और चिंतलनार-मरियागुड़म मार्ग का निर्माण कर रहे ठेकेदार के. मोहन रेड्डी का पंजीयन भी निरस्त कर पांच वर्षों तक नवीनीकरण पर रोक लगाई गई है।
इसी क्रम में मेसर्स बालाजी इन्फ्रास्ट्रक्चर के कोंटा-गोलापल्ली मार्ग के कार्य को लेकर पंजीयन के नवीनीकरण पर दो वर्षों की रोक लगाई गई है। नारायणपुर-सोनपुर-मरोड़ा मार्ग पर पुल-पुलिया निर्माण कर रहे मेसर्स पंकज हालदार के पंजीयन का पांच वर्षों तक नवीनीकरण नहीं किया जाएगा।
लोक निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक आवागमन और जनसुविधा से जुड़े निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य शासन ने इन कार्रवाईयों के संबंध में बिलासपुर उच्च न्यायालय में कैविएट भी दायर की है।
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