रायपुर, 8 सितंबर 2026। सरगुजा जिले के शिवपुर स्थित एकलव्य आवासीय विद्यालय की छात्राओं के अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्टोरेट के लिए निकलने के मामले को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गंभीरता से लिया है। घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन पर चर्चा कर पूरे मामले की जानकारी ली और व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चियों को अपनी बुनियादी समस्याएं बताने और उनके समाधान के लिए विद्यालय से पैदल निकलना पड़े, यह स्थिति किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सवाल किया कि यदि विद्यालय में लंबे समय से बिजली समेत अन्य समस्याएं थीं, तो संबंधित अधिकारियों ने समय रहते उनका समाधान क्यों नहीं किया।
जांच कर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने कलेक्टर को पूरे प्रकरण की जांच कराने और लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आदिवासी अंचलों के आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली और शिक्षकों की समस्या तत्काल दूर करने को कहा
मुख्यमंत्री ने छात्राओं द्वारा उठाई गई बिजली, शिक्षकों की कमी, नियमित पढ़ाई, मेस और साफ-सफाई से जुड़ी समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केवल मौजूदा समस्याओं को दूर करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए जिससे बच्चों की शिकायतें विद्यालय और छात्रावास स्तर पर ही समय पर सुनी और हल की जा सकें।
मुख्यमंत्री ने आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों की नियमित समीक्षा और अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन तक स्वयं पहुंचने की स्थिति दोबारा नहीं बननी चाहिए।
बच्चों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदिवासी अंचलों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन योजनाओं और संसाधनों का लाभ बच्चों तक सही ढंग से पहुंचे, यह मैदानी अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि बच्चे विश्वास के साथ आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। उनकी छोटी से छोटी समस्या को संवेदनशीलता से सुनना और समयबद्ध समाधान करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को छात्राओं से लगातार संवाद बनाए रखने और विद्यालय की व्यवस्थाओं में किए जा रहे सुधारों की निगरानी करने के निर्देश दिए।
