विषयांतर्गत लेख है कि पूर्ववर्तीय म.प्र. मंडी बोर्ड भोपाल द्वारा वर्ष 1985-86 में श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी की प्रथम नियुक्ति सचिव वर्ग “द” के पद पर हुई थी। इसके बाद उनकी पदस्थापना सचिव के पद पर कृषि उपज मंडी समिति भटगांव, आरंग, बालोद, बेमेतरा, बिलासपुर, कटघोरा, भाटापारा, नेवरा, रायपुर जैसे कई मंडी समितियों में की गई थी। यहीं नहीं बिलासपुर की मंडी समिति में सचिव वरिष्ठ के पद पर पदस्थ थे, तब उन्हें मंडी बोर्ड, संभागीय कार्यालय बिलासपुर में उपसंचालक का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया था तथा श्री सवन्नी की पदोन्नति सचिव वरिष्ठ पद से सचिव वरिष्ठ प्रवर श्रेणी / उपसंचालक के पद पर हुई, तब उनकी पदस्थापना मंडी बोर्ड संभागीय कार्यालय में ही की गई थी। इसके पश्चात् उनकी पदोन्नति संयुक्त संचालक के पद पर हुई, तब इनकी स्थापना मंडी बोर्ड संभागीय कार्यालय बिलासपुर से मंडी बोर्ड रायपुर मुख्यालय में की गई। इस प्रकार श्री सवन्नी दिनांक 06/06/2011 से मंडी बोर्ड मुख्यालय में संयुक्त संचालक पद पर उपस्थित हुए हैं, तथा इनकी पदोन्नति, समय-समय पर संयुक्त संचालक से अपर संचालक तथा अपर संचालक से अतिरिक्त प्रबंध संचालक के पद पर हुई है।
श्री सवन्नी अतिरिक्त प्रबंध संचालक दिनांक 30.06.2024 को सेवानिवृत्त हो गये हैं। जिन्हें छ.ग. शासन द्वारा प्रबंध संचालक के पद पर संविदा नियुक्ति प्रदान की गई है। इस तरह श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी विगत 16 वर्षों से मुख्यालय में पदस्थ हैं, इन 16 सालों में कई बड़े-बड़े परिवर्तन हो चुके हैं। राज्य के चार कृषि मंत्री / अध्यक्ष मंडी बोर्ड बदले गए हैं तथा 10 से 12 प्रबंध संचालक बदले गये, पर ये श्री सवन्नी आज भी प्रबंध संचालक के पद पर पदस्थ हैं। हैरानी की बात है कि इनके पदोन्नति के खिलाफ कई लिखित शिकायतें हुई हैं, लेकिन उच्च स्तर से सूक्ष्म जांच नहीं कराया गया है। इसका मूल कारण यह है कि इनकी पहुंच बड़े नेताओं से हैं, और इसी प्रभाव से दिनांक 30.06.2024 को अनिवार्य सेवानिवृत्त हो जाने के बाद भी आज प्रबंध संचालक के पद पर कार्यरत हैं। पूर्व में प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड के पद पर राज्य शासन द्वारा नियुक्ति की कार्यवाही
आई.ए.एस., आई.एफ.एस., आई.आर.एस. अथवा अपर संचालक (कृषि) स्तर के अधिकारियों को दी जाती रही है। श्री सवन्नी इस स्तर के अधिकारी नहीं हैं, फिर भी उन्हें प्रबंध संचालक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है, जो उनके राजनीतिक प्रभाव को प्रदर्शित करता है।
श्री महेन्द्र सिंह सवन्नी को निचले पद से उच्च पदों पर पदोन्नति की कार्यवाही विभाग द्वारा समय-समय पर प्रदान की गई है, वह भी गंभीर त्रुटिपूर्ण प्रक्रिया पर अवधारित है। इसका मुख्य कारण पूर्ववर्ती अधिकारियों द्वारा श्री सवन्नी के प्रभाव को देखते हुए जानबूझकर नियमों को संज्ञान में नहीं रखा गया था, तथा उन्हें दी गई पदोन्नति के विरुद्ध वरिष्ठता प्रदान की गई है। इसलिए इसके पूर्व पदोन्नति प्रकरणों की जांच उच्च स्तरीय समिति गठित कराई जाकर की जावे।