रायपुर/देहरादून, 25 सितंबर 2026। रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल संसद की प्राक्कलन समिति (एस्टिमेट्स कमेटी) के आधिकारिक अध्ययन दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे। समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल सहित अन्य सांसदों के साथ उन्होंने केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने देश और छत्तीसगढ़ की जनता की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की।
अध्ययन दौरे के दौरान केदारनाथ में समिति की ओर से ‘देश में धार्मिक स्थलों पर इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा संबंधी मुद्दों का आकलन’ विषय पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय तथा उत्तराखंड शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
बैठक में बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में श्रद्धालुओं के लिए सुगम आवागमन, आधुनिक अधोसंरचना, आपदा प्रबंधन और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था जरूरी है। उन्होंने कहा कि अध्ययन दौरे के दौरान प्राप्त अनुभव और सुझाव भविष्य में तीर्थस्थलों की सुविधाओं एवं सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में उपयोगी होंगे।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख तीर्थस्थलों के विकास पर जोर
बृजमोहन अग्रवाल ने बैठक में छत्तीसगढ़ के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ और बद्रीनाथ जैसे प्रमुख तीर्थस्थलों की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में भी आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की आवश्यकता है।
उन्होंने माता बम्लेश्वरी धाम डोंगरगढ़, मां दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा, बाबा भोरमदेव, राजीव लोचन मंदिर राजिम और सिरपुर जैसे धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों के समग्र विकास की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि प्राक्कलन समिति के अध्ययन से मिलने वाले अनुभवों और सुझावों का लाभ छत्तीसगढ़ के तीर्थ पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने में मिल सकता है।
‘माना’ गांव में वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा
धार्मिक स्थलों के दौरे के बाद समिति ने भारत-चीन सीमा क्षेत्र में स्थित देश के प्रथम गांव माना का भी दौरा किया। यहां गृह मंत्रालय, उत्तराखंड सरकार और स्थानीय हितधारकों के साथ वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की समीक्षा को लेकर बैठक हुई।
बैठक में सीमावर्ती गांवों में सड़क, संचार, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्थानीय आजीविका से जुड़े विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। इस दौरान बृजमोहन अग्रवाल ने सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती गांव देश की सुरक्षा और संप्रभुता के महत्वपूर्ण प्रहरी हैं और उनका विकास राष्ट्रीय प्राथमिकताओं का अहम हिस्सा है।
