शेख आबिद
हमारी संस्था बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान द्वारा प्रतिवर्ष छंद पसंविधान के समस्त नियमों को उल्लिखित करते हुए छंद विधान पर करना साहित्य निर्माण करना सिखाया जाता है। जो मोबाइल द्वारा ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से सिखाया जाता है 1 वर्ष तक साधक इस संस्था के द्वारा नि:शुल्क विधिवत छंद निर्माण की साधना करते हैं। माह में दो बार पाक्षिक मूल्यांकन द्वारा उनके द्वारा सीखे गए अभ्यास का मूल्यांकन कार्य भी किया जाता है जिसमें नवरत्न का चुनाव होता है और उन्हें सम्मानित किया जाता है। इस कार्य हेतु मोबाइल पर कई साहित्य पटल बनाए जाते हैं जिनको पटल गुरुओं द्वारा संचालित किया जाता है।
ज्ञात हो कि हमारे जितने भी धार्मिक ग्रंथ है वह सब किसी न किसी छंद पर आधारित हैं जिसमें मुख्य रूप से दोहा, चौपाई, उल्लाला सोरठा आदि है साल भर साहित्य- साधना करने के पश्चात दिसंबर माह में साधकों को दीक्षांत समारोह द्वारा दीक्षित किया जाता है इसी क्रम में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में योतित है।
बिलासा साहित्य शिक्षण संस्थान (बिलासाःछंद-नहाय का तृतीय दीक्षांत समारोह छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के तुलसी मंगलम् भवन में दिनांक 27/12/2025 को होना सुनिश्चित हुआ है।
इस संस्था के संस्थापक डॉ रामनाथ साहू” ननकी” अध्यक्ष डॉ. माधुरी डड़सेना “मुदिता “सचिव डॉ. ओमकार साहू मृदुल “मीडिया प्रभारी डॉ. निर्मला शर्मा हैं।
