शेख आबिद

संस्था “श्री गजानन एजुकेशन वेलफेयर सोसाइटी- विगत 05 वर्षों से रायपुर जिले के सुंदर नगर में सुचारु रूप से संचालित हो रही है। हमारी संस्था गजानंद एजुकेशन एक कैरियर गाइडेंस संस्था है, जो विद्यार्थियों को उनके भविष्य के लिए सही मार्गदर्शन प्रदान करती है। यह संस्था विभिन्न विषयों की कोचिंग सेवाएँ उपलब्ध कराती है, साथ ही, गजानंद एजुकेशन एक वेलफेयर सोसाइटी के रूप में कार्यरत है, जहाँ विशेष रूप से एस.टी., एस.सी., एवं ओ.बी.सी. वर्ग के विद्यार्थियों को कैरियर गाइडेंस एवं शिक्षा संबंधी सहयोग प्रदान किया जाता है। हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा एवं मार्गदर्शन देकर उनके उज्वल भविष्य की दिशा में प्रेरित करना है। इत्यादि कोर्स संचालित किए जाते हैं। संस्था छत्तीसगढ़ समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत संस्था है।
परंतु, विगत लंबे समय से एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष श्री प्रशांत गोस्वामी बार-बार (लगभग 5-6 बार) अपने 25-50 साथियों के साथ हमारी संस्था में आते हैं और हमें अवैध रूप से ज्ञापन देकर अवैध वसूली (300000) की मांग करता है और मुझे (जगदीश बांधव) व्हाट्सएप के जरिए व्हाट्सएप कॉल और व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से पैसा नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देता है में आपको अवगत कराना चाहता हूं कि यह संस्थान विशेष रूप से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विशेष पिछड़ा वर्ग के बच्चों के लिए कैरियर मार्गदर्शन हेतु विगत कुछ वर्षों से समर्पित होकर कार्यरत है इस संदर्भ में हम कई बार उनका ज्ञापन ले चुके हैं, किंतु अब उनकी ओर से लगातार दबाव एवं अवैध वसूली की कार्यवाही की जा रही है। हमारी संस्था का किसी प्रकार के अवैध कार्य से कोई संबंध नहीं है। हम नियमपूर्वक शिक्षा संबंधी गतिविधियाँ संचालित कर रहे हैं। किन्तु उपरोक्त व्यक्ति द्वारा दबाव बनाकर हमें मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षति पहुँचाई जा रही है।
दिनांक 19 सितंबर 2025 को श्री प्रशांत गोस्वामी अपने लगभग 100 साथियों के साथ हमारे संस्थान में आया। उन्होंने संस्थान में तोड़फोड़ की, जिससे भवन, फर्नीचर एवं अन्य सामग्री को गंभीर क्षति पहुँची।
घटना का विवरण इस प्रकार है:

  1. विगत कई बार एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष श्री प्रशांत गोस्वामी अपनी टीम (25-50 साथियों के साथ) आकर अवैध ज्ञापन देकर हमसे जबरन वसूली कर करने का प्रयास करता रहा है। इस संबंध में हम पूर्व में भी कई बार ज्ञापन ले चुके हैं।
  2. दिनांक 19 सितंबर 2025 को श्री प्रशांत गोस्वामी अपने लगभग 100 साथियों के साथ हमारे संस्थान में आया। उन्होंने संस्थान में तोड़फोड़ की, जिससे भवन, फर्नीचर एवं अन्य सामग्री को गंभीर क्षति पहुँची।
  3. इसी दौरान उन्होंने मुझे जातिगत अपशब्द कहते हुए अपमानित किया, जैसे कि “तू सतनामी मेरा क्या कर लेगा” । यह कथन अत्यंत आपत्तिजनक, सामाजिक समरसता को भंग करने वाला एवं जातीय दुराग्रह दर्शाता है।
  4. प्रशांत गोस्वामी एवं उसके साथियों ने संस्थान को जल्दी खाली करने की धमकी दी और संस्थान में तालाबंदी कर दी।