शेख आबिद
विदित हो कि आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित छात्रावास/आश्रम में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अपनी मांगो को लेकर समय-समय पर पत्रों के माध्यम से ध्यानाकर्षण कराते आए हैं लेकिन किसी प्रकार सकारात्मक कार्यवाही नहीं होने से कर्मचारी गण अपने भविष्य को लेकर चिंतित एवं आक्रोशित है संगठन द्वारा दिनांक 31/07/2025 को प्रमुख सचीव एवं आयुक्त लंबित मांगों के संबध में सकारात्मक कार्यवाही नही होने के स्थिति में दिनांक 16/09/2025 से चरण बद्ध आंदोलन करने की सूचना दिया गया था दिनांक 25/08/2025 को संघ के समस्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों द्वारा पूर्व सूचना को आधार बनाकर प्रथम चरण में संचनालय घेराव करने का सर्वसम्मती से निर्णय लिया गया था जिसमें प्रदेश से 3357 छात्रावास/आश्रम प्रयास आवासीय विद्यालय, विशिष्टि संस्था, कन्या शिक्षा परिसर से लगभग 11000 कर्मचारी एक दिन का सामुहिक अवकाश लेकर नवा रायपुर धरना स्थल में एकत्रित होकर संचनालय घेराव के लिए कूच करेंगे, आंदोलन की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रहा है दिनांक 12/09/2025 को प्रत्येक जिले में सामुहिक आवेदन एवं मांग पत्र की कॉपी कार्यालय प्रमुख को सौंप दिया जायेगा।
संगठन की मांग है कि (महासमुंद जिले का नियमित वेतन भुगतान शीघ करें) विभाग द्वारा संचालित छात्रावास/आश्रमों में आकास्मिक निधि के स्वीकृत पदों के विरूद्ध पूर्व भर्ती नियम एवं विभागीय निर्देश (29/10/1996, 22/11/1999) पंचायतों, बी.ओ, सहायक आयुक्तों द्वारा आदेशित एवं मौखीक कलेक्टर दर /मासिक वेतन पर कार्यरत समस्त कर्मचारियों के लिए नियमों का शिथिलीकरण कर समायोजन (युक्तीयुक्तकरण) करने हेतु।
[ साथ ही आकास्मिक निधि से नियमित वेतन प्राप्त करने वाले वर्ष 2008-09 एवं सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों को नियमित स्थाई पद पर परिवर्तन करने एवं छात्रावास/आश्रमों के समस्त पद को नियमित पद कर करने एवं सहायक ग्रेड-3 के समकक्ष वेतनमान पर नवीन पद सृजित कर पदोन्नत का लाभ देने सहित दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को प्रत्येक माह निश्चित समय पर वेतन भुगान करने वर्ष 2024-25 बकाया श्रम सम्मान राशि, नियमित कर्मचारी के भांति आकास्मिक निधि से वेतन मान पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित कर्मचारियों के समान ग्रीजुऐटी, मेडिकल अवकाश, अवकाश नगदीकरण के अलावा दैनिक, मौखिक कलेक्टर दर पर कर्मचारियों से संबंधित समस्याओं को ले कर लगातार मांग करते आ रहे है कुछ मांगे दो वर्ष पहले (19/07/2023) में जायज ठहराया गया था जिसे अब अमान्य किया जा रहा है। संगठन के मांग पत्रों में कुछ मांगें शासन स्तर का है और कुछ मांगे विभाग से संबंधित है। जिसको पूरा करने में शासन एवं विभाग को वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। इसके उपरान्त भी विभाग द्वारा संगठन मांगो आवेदन-निवेदन को नजरअंदाज किया जा रहा है। उम्र के अंतिम प्रड़ाव में कर्मचारी पहुंच गये है तथा अपने भविष्य को लेकर चिंतित एवं आक्रोषित है। जिसके चलते संगठन द्वारा सर्वसम्मति से चरणबद्ध आदोलन करने का निर्णय लिया गया। प्रथम चरण के रूप में 16/09/2025 को संचनालय घेराव फिर कुछ दिनो के अन्तराल में मंत्रालय, विभागीय मंत्री, मुख्य मंत्री, फिर भी निराकरण नहीं होने के स्थिति में प्रदेश भर के कर्मचारी इसी सूचना को अधार बना कर अनिश्चतकालिन हड़ताल करने के लिए बाध्य होगा।
