देश के लोकतांत्रिक इतिहास में 1975-77 का आपातकाल एक ऐसा दौर था जब लाखों देशभक्त नागरिकों ने अपने संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज़ उठाई। उन्होंने जेलें भरीं, यातनाएं सही, और लोकतंत्र *की रक्षा के लिए अपना जीवन दांव पर लगाया। आज, जब हम लोकतंत्र के फलों का उपभोग कर रहे हैं, तब उन रक्षकों के परिवार, विशेषकर उनके बच्चे, कई मामलों में सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से अब हाशिए पर हैं।
इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए, लोकतंत्र रक्षक संघ छत्तीसगढ़, जो एक समाजसेवी संगठन है, ने एक महत्वाकांक्षी परियोजना की रूपरेखा तैयार की है- जिसका नाम है “युवा संकल्प”।
यह योजना, संघ के अध्यक्ष श्री सच्चिदानंद उपासने जी की प्रेरणा से प्रारंभ हो रही है। इस परियोजना के अंतर्गत एक स्थायी उद्यमिता एवं कौशल विकास केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिसका उद्देश्य विशेष
रूप से MISA बंदियों के वंशजों को सशक्त बनाना है।
युवा संकल्प केवल एक योजना नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है लोक तंत्र के असली रक्षकों के परिवारों को गरिमा अवसर और आत्मनिर्भरता दिलाने की दिशा में एक ठोस कदम है
इस मुहिम को जन जन तक पहुंचाने के लिए यह प्रेस वार्ता आयोजित की जा रही है जिसमें समाज के सभी वर्गों, मीडिया, जनप्रतिनिधियों,CSR संस्थाओं और शिक्षण संस्थानों से समर्थन की अपील की जाएगी
हम मानते हैं कि जब समाज साथ चलता है तो परिवर्तन स्थायि होता है
