छत्तीसगढ़ राज्य में हम सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएँ वर्ष 1975 से राज्य शासन के महिला बाल विकास विभाग के अधिन 50 वर्षों से कार्यरत है। पूरे छत्तीसगढ़ में लगभग 01 लाख से अधिक कार्यकर्ता सहायिका छ.ग. राज्य के सभी जिलों में एवं विकासखण्डों में प्रत्येक गरीब परिवार एवं निम्न एवं मध्यम तक अपनी पहुंच रखते है। गर्भधारण से लेकर प्रसूती, गर्भवती महिला का टीकाकरण, जांच एवं डिलवरी उसका आहार एवं पूरक पोषण, बच्चों का वजन एवं टीकाकरण, सभी बच्चे 0 से लेकर 06 व वर्ष के उनका पूरक पोषण आहार अनौपचारिक शिक्षा, शिक्षा आहार, कुपोषण से बचाव, सुपोषण, गोद भराई, अन्न प्रासन, बाल भोज, सुपोषण योजना, बाल मित्र बनाना, स्व सहायता समूह बनाना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह, शाला प्रवेश उत्सव सुपोषण चौपाल, बाल संदर्भ, नोनी सुरक्षा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन, महतारी वंदन, पालक बैठक पूरे 16 योजनाओं पर काम करते है। इसके अलावा अन्य विभागों के कार्य में राशन कार्ड बनाना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा एवं मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा (स्मार्ट कार्ड) बनवाना, अपने एरिया में क्लोरिन, फाइलेरिया की गोली बांटना, पल्स पोलियों, निर्वाचन आयोग में बी.एल.ओ. जनगणना, आर्थिक सर्वेक्षण स्वच्छ भारत के तहत शौचालय का सर्वे, पशु सर्वे नगर सुराज, ग्राम सुराज, किशोरी बालिका की देखरेख, 11 से 18 वर्ष को विटामिन गोली वितरण, रोज गृह भेंट देना, विधवा परित्यागता सर्वे करना, मातृ मृत्यु दर को रोकना। आयुष्मति योजना इसी प्रकार अपने केन्द्र के अन्दर आने वाले हितग्राहियों का देखरेख संरक्षण इन समस्त कार्यो को करना व माह में सुपरवाईजर के माध्यम से परियोजना अधिकारी द्वारा राज्य शासन को रिपोर्ट भेजना। वर्तमान में राज्य सरकार की
[12/08, 2:48 pm] shaikhabid7091: दिनांक 13.08.2025 को एक दिवसीय ध्यानाकर्षण धरना प्रदर्शन रखा गया है जिसमें जिले की महिला की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाएं सहित राजधानी सहित तभी जिलों में ध्यानाकर्षण धरना पर बैठेगी और छत्तीसगढ़ सरकार से अपनी मांगो के लिए गुहार लगायेंगी। अगर इसके बाद भी सरकार का दिल नहीं पसीजा तो हम 01.09.2025 को छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी के लाखो महिला कार्यकर्ता और सहायिकाओं का 01 विवसीय प्रांत स्तरिय धरना प्रदर्शन करने हेतु मजबूर होंगे ।

हमारी प्रमुख मांगः-

कार्यकर्ता सहायिकाओं को तत्काल शासकीय कर्मचारी पोषित किया जाऐ ।

समस्या एवं मांगे –

  1. मध्यप्रदेश की तर्ज पर प्रतिवर्ष 10 प्रतिशत मानदेय वृद्धि की जाए ।

2 पर्यवेक्षक भर्ती तत्काल निकाली जाए. आयु सीमा बंधन हटाते हुए 50 प्रतिशत में पदोन्नति दी जाए। सहायिकाओं को शत-प्रतिशत पदोन्नत किया जाए, उम्र का बंधन हटाया जाए