रायपुर।छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की दिशा में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों के लिए प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस डिजिटल पहल के जरिए लोग घर बैठे अपनी समस्याएं और शिकायतें शासन तक पहुंचा रहे हैं। खास बात यह है कि शिकायतों के निराकरण के लिए 24 घंटे और सातों दिन कॉल सेंटर की सुविधा उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 और प्रशासनिक कामकाज की उच्चस्तरीय समीक्षा के दौरान अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायतों को पोर्टल पर दर्ज कर बंद करना नहीं, बल्कि लोगों को वास्तविक और संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ने चाहिए। प्रशासनिक व्यवस्था में संवेदनशीलता, समयबद्धता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
2.45 लाख से अधिक शिकायतें दर्ज
राज्य शासन के टोल फ्री नंबर 1076 पर अब तक कुल 2 लाख 45 हजार 376 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 10 हजार 649 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, जो कुल शिकायतों का 85.85 प्रतिशत है। शेष 34 हजार 727 शिकायतों पर कार्रवाई जारी है। इस व्यवस्था से राज्य के 49 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारी जुड़े हुए हैं। वहीं, 1195 श्रेणियों में शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है।
बिजली, राजस्व से लेकर पेंशन तक की शिकायतें
सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से बिजली कटौती, खराब ट्रांसफार्मर, बिजली बिल में गड़बड़ी, नामांतरण, खाता विभाजन, सीमांकन, निवास एवं जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क और पेंशन जैसी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा संबंधित अधिकारियों द्वारा सुनवाई नहीं करने और प्रशासनिक लापरवाही के मामलों को भी हेल्पलाइन के माध्यम से शासन तक पहुंचाया जा सकता है।
शिकायतों के समाधान से लोगों को मिल रही राहत
हेल्पलाइन के माध्यम से कई जिलों में त्वरित कार्रवाई के उदाहरण सामने आए हैं। जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ क्षेत्र के ग्राम भवतरा निवासी देवेंद्र दिनकर की राशन कार्ड संबंधी शिकायत पर त्रुटि सुधारकर कार्ड दोबारा सक्रिय किया गया, जिससे उन्हें नियमित राशन मिलने लगा।
कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के ग्राम चिखली के आश्रित ग्राम हड़फड़ में खराब सोलर पंप को क्रेडा विभाग ने कुछ ही घंटों में दुरुस्त कर दिया। वहीं, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अवैध रेत एवं गिट्टी परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खनिज विभाग ने आठ ट्रैक्टर जब्त किए।
महासमुंद जिले के बसना क्षेत्र के ग्राम केंवटापाली निवासी खिरोद कुमार साव की इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी से जुड़ी लंबित समस्या का परिवहन विभाग ने निराकरण कर राशि उपलब्ध कराई। जशपुर जिले के तपकरा निवासी बुजुर्ग त्रिपुरारी शर्मा की बंद वृद्धावस्था पेंशन बहाल की गई। इसी क्षेत्र में ओम प्रकाश की शिकायत पर जल प्रदाय योजना के तहत नया मोटर लगाया गया, जिससे करीब 200 परिवारों को पेयजल की सुविधा मिली।
इसी तरह सरगुजा जिले के ग्राम करिया की कक्षा 12वीं की छात्रा आराधना सिंह के आधार कार्ड में जन्मतिथि की त्रुटि सुधारी गई, जिससे उन्हें उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने में मदद मिली।
लापरवाही पर तय होगी जवाबदेही
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि शिकायतों के निराकरण में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अच्छा काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि कमियों को सुधारने का अवसर दिया जाएगा। लगातार लापरवाही करने वालों की जवाबदेही भी तय होगी।
सीएम हेल्पलाइन 1076 के जरिए प्रत्येक शिकायत को यूनिक पंजीयन नंबर दिया जाता है और उच्च स्तर पर उसकी नियमित मॉनिटरिंग की जाती है। इससे प्रशासन और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हो रहा है। डिजिटल तकनीक के माध्यम से शासन की सेवाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है।