रायपुर, 9 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शहरों का विकास केवल वर्तमान जरूरतों को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं के अनुरूप किया जाना चाहिए। सुनियोजित शहरीकरण विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत नींव तैयार करेगा। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग के 21 नवचयनित सहायक संचालकों (योजना) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
मुख्यमंत्री साय ने नवचयनित अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ इतनी बड़ी संख्या में सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की कार्यक्षमता बढ़ेगी और प्रदेश में तेजी से हो रहे शहरीकरण को सुनियोजित दिशा देने में मदद मिलेगी।
25 वर्षों में 17 नियुक्तियां, अब एक साथ 21 अधिकारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ गठन के 25 वर्षों में नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कुल 17 सहायक संचालकों की नियुक्ति हुई थी, जबकि इस बार एक साथ 21 युवा अधिकारियों को नियुक्ति दी गई है। उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार की ओर से भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विभागों को पर्याप्त मानव संसाधन और प्रोफेशनल क्षमता से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शहरीकरण तेजी से बढ़ रहा है। गांवों से शहरों की ओर आबादी का विस्तार, नगर सीमाओं का बढ़ना तथा प्रमुख सड़कों और शहरों के आसपास नई बसाहटों का विकास आने वाले वर्षों में और तेज होगा। ऐसे में आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों, सड़कों, परिवहन, सार्वजनिक स्थलों, जल निकासी तथा अन्य नागरिक सुविधाओं के लिए दीर्घकालीन और वैज्ञानिक योजना जरूरी है।
टाउन प्लानिंग का सीधा संबंध नागरिकों की जीवन गुणवत्ता से
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि टाउन प्लानिंग सिर्फ नक्शे बनाने या भू-उपयोग तय करने तक सीमित नहीं है। इसका सीधा संबंध नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता और शहरों के भविष्य से है। बेहतर योजना शहरों को व्यवस्थित बनाने के साथ नागरिक सुविधाओं को सुलभ करती है और अनियोजित विस्तार से पैदा होने वाली समस्याओं को रोकती है।
उन्होंने नवचयनित अधिकारियों से कहा कि उनके कंधों पर भविष्य के छत्तीसगढ़ के शहरों और कस्बों को आकार देने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अधिकारी अपनी तकनीकी शिक्षा, आधुनिक ज्ञान और नवाचार का उपयोग प्रदेश के बेहतर नियोजन में करें।
जनहित, ईमानदारी और पारदर्शिता को दें प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय सेवा जनता की सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। अधिकारियों के प्रत्येक निर्णय का प्रभाव आम नागरिक के जीवन पर पड़ता है। इसलिए सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी, निष्ठा, संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ करें।
उन्होंने कहा कि ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जिसमें नागरिकों को छोटे से छोटे कार्य के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करते हुए नागरिक सुविधा और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है।
विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में युवाओं की अहम भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी विकास की स्पष्ट दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने आने वाले वर्षों के लिए ‘छत्तीसगढ़ अंजोर : विजन 2047’ तैयार किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य आधुनिक अधोसंरचना, बेहतर नागरिक सुविधाओं और युवाओं के लिए पर्याप्त अवसरों वाला विकसित छत्तीसगढ़ बनाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में शासन-प्रशासन के साथ युवाओं और प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
ढाई साल में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार और आगे बढ़ने के अवसर देने के लिए लगातार काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में विभिन्न विभागों में 15 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं। पुलिस विभाग में 7 हजार से अधिक और शिक्षा विभाग में 3 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। बिजली विभाग में भी 1200 से अधिक नियुक्तियां की गई हैं।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित नहीं हैं। नई औद्योगिक विकास नीति में रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। रोजगार मेलों, निजी क्षेत्र, स्वरोजगार और उद्यमिता के माध्यम से भी युवाओं के लिए अवसर तैयार किए जा रहे हैं।
पारदर्शी भर्ती मिली, कार्यशैली में भी दिखे पारदर्शिता : ओपी चौधरी
वित्त तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने नवचयनित अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सुनियोजित शहरीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के विकास के साथ शहरी आबादी और शहरों का विस्तार स्वाभाविक है, इसलिए भविष्य की जरूरतों का पहले से आकलन कर आधुनिक और वैज्ञानिक टाउन प्लानिंग जरूरी है।
चौधरी ने कहा कि पहले नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक बार में तीन-चार सहायक संचालकों की नियुक्ति होती थी, लेकिन इस बार एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति हुई है। इससे विभाग की प्रोफेशनल क्षमता बढ़ेगी और सुनियोजित शहरी विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिस तरह उनकी भर्ती पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई है, उसी पारदर्शिता और ईमानदारी को वे अपनी कार्यशैली का आधार बनाएं। नागरिक जब नक्शा स्वीकृति अथवा अन्य कार्यों के लिए विभागीय कार्यालय आएं, तो उन्हें सरल, संवेदनशील और पारदर्शी व्यवस्था का अनुभव होना चाहिए।
नई पीढ़ी की ऊर्जा से विकास को मिलेगी गति : केदार कश्यप
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ लगातार विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में एक साथ 21 अधिकारियों की नियुक्ति सुनियोजित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी के अधिकारियों का ज्ञान, ऊर्जा और आधुनिक दृष्टिकोण विभाग की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी अधिकारी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देंगे।
कार्यक्रम में विभागीय सचिव अंकित आनंद, आयुक्त अवनीश शरण सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, नवचयनित सहायक संचालक और उनके परिजन उपस्थित रहे।