शेख आबिद रायपुर
नशे के विरुद्ध बहुआयामी अभियान के तहत रायपुर पुलिस की बड़ी सफलता आदतन आरोपी रवि साहू की लगभग 7.66 करोड़ की संपत्तियों पर SAFEMA, सक्षम प्राधिकारी से कन्फर्मेशन आर्डर प्राप्त”
“दोषी की पहचान” मुख्य प्रभावित व्यक्ति रवि साहू आत्मज स्वर्गीय राजू साहू, निवासी गांधीनगर, कालीबाड़ी, रायपुर छत्तीसगढ़ है
“सजा और जुर्माना” रवि साहू को रायपुर की विशेष एनडीपीएस अदालत द्वारा “17 किलोग्राम 882 ग्राम गाँजा” की तस्करी के मामले में दोषी पाते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास” और “1,00,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है।
“सह-आरोपी/रिश्तेदारों” इस कार्रवाई के दायरे में रवि साहू की पत्नी शशि साहू और पुत्र भी शामिल हैं, जिन्हें एनडीपीएस एक्ट के तहत रिश्तेदार की श्रेणी में रखा गया है।
कन्फर्मेशन आदेश के तहत आरोपी रवि साहु एवं उसके परिजनों की कुल 07.66 करोड़ की संपत्ति को किया गया सीज।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA/NDPS Act) मुंबई ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर (छत्तीसगढ़) के कुख्यात मादक पदार्थ तस्कर रवि साहू और उनके परिवार की चल-अचल संपत्तियों को फ्रीज (सीज) करने के आदेश की पुष्टि कर दी है। यह आदेश स्वापक औषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (NDPS Act) की धारा 68F (2) के तहत जारी किया गया है।
उल्लेखनीय है कि थाना सिटी कोतवाली, रायपुर के अपराध क्रमांक 337/24 धारा 20बी, 29 के आरोपी रवि साहु को विशेष न्यायालय, एनडीपीएस. एक्ट के द्वारा दिनांक 15.01.2026 को 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 01 लाख रूपये के जुर्माने से दण्डित किए जाने के पश्चात स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अंतर्गत अध्याय 5क के तहत गांजे के अवैध व्यापार से आरोपी रवि साहू द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्ति के समपहरण की कार्यवाही प्रारंभ की गई। विधिक प्रावधानों के तहत आरोपी रवि साहु के द्वारा कारित अपराध दिनांक से 06 वर्ष पूर्व अर्जित संपत्तियों की जानकारी एकत्रित कर जांच प्रारंभ की गई, जांच के दौरान आरोपी एवं उसके परिजनों के नाम पर स्थित चल एवं अचल संपत्तियों के संबंध में जानकारी प्राप्त हुई, जिनके संबंध में
यह संदेह पाया गया कि वे मादक पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित धनराशि से खरीदी गई हो सकती हैं। कार्यवाही के दौरान स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 धारा 67 के तहत आरोपी एवं उसके परिजनों को नोटिस प्रदान कर आरोपी के परिजनों से संपत्तियों की जानकारी मांगी गयी।
स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत आरोपी रवि साहु एवं उसके परिजनों की संपत्तियों को चिन्हांकित कर उनसे संबंधित समस्त दस्तावेजों को एकत्रित किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी रवि साहु एवं उसके परिजनों द्वारा धारित संपत्तियों की संख्या एवं मूल्य आयकर विभाग में प्रति वित्तीय वर्ष दी गई जानकारी से अधिक है। तत्पश्चात पुलिस द्वारा विस्तृत वित्तीय जांच करते हुए संबंधित दस्तावेजों एवं साक्ष्यों के आधार पर उक्त संपत्तियों को NDPS Act की धारा 68F के अंतर्गत भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA/NDPS Act) मुंबई के समक्ष फीजिंग के अंतिम आदेश हेतु दिनांक 22 अप्रैल 2026 प्रस्तुत किया गया। जांच पश्चात वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन
में धानवाली द्वारा कार्यवाही हेत संपत्तियों का प्रारंभिक
आदेश जारी
किया गया था।
दिनांक 05.05.2026 को सफेमा कार्ट द्वारा प्रकरण प्रस्तुतकर्ता थाना प्रभारी सिटी कोतवाली एवं आरोपी रवि साहु तथा उसके परिजनों की ऑनलाईन सुनवाई कर आरोपी एवं उसके परिजनों को 11.05.2026 तक जवाब प्रस्तुत करने कहा गया था, किन्तु आरोपी एवं उसके परिजनों द्वारा फ्रीज की गई संपत्ति के संबंध में उचित जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA/NDPS Act), मुंबई द्वारा अपने आदेश दिनांक 15.05.2026 के तहत इस फ्रीजिंग आदेश को पूरी तरह से कन्फर्म (पुष्ट) कर दिया गया है।
“अवैध रूप से अर्जित निम्न संपत्तियों पर की गई कार्यवाही”
रायपुर और अभनपुर क्षेत्र के माना बस्ती, पलोद, खोरपा और रायपुरा गांवों में स्थित कृषि व आवासीय भूमि, गांधीनगर, देवपुरी, कांति चौक, खम्हारडीह और बोरियाखुर्द (रायपुर) के विभिन्न वाडों में स्थित आवासीय मकान व भवन तथा एक फोर्स ट्रैवलर व कमर्शियल वाहन जिनका मूल्य 7 करोड 66 लाख रुपये है।
प्राधिकरण के निर्देशानुसार, अब इन संपत्तियों को बिना पूर्व अनुमति के न तो किसी को ट्रांसफर किया जा सकता है और न ही इनका कोई सौदा किया जा सकता है।”
आगे की प्रक्रिया’
अब प्रकरण में संबंधित पक्षों को संपत्तियों के वैध आय स्रोत के संबंध में जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। यदि संपत्तियों का वैध स्रोत स्थापित नहीं किया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई करते हुए उन्हें शासन के पक्ष में स्थाई रूप से जब्त किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
कार्यवाही का प्रभाव’
इस कार्रवाई से आरोपी रवि साहू एवं उससे जुड़े नेटवर्क की अवैध आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी। अपराध से अर्जित संपत्तियों के उपयोग पर प्रतिबंध लगने से ऐसे अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि अवैध कारोबार से अर्जित संपत्ति भी कानून के दायरे से बाहर नहीं है तथा उनके आर्थिक तंत्र को भी ध्वस्त किया जाएगा।
भारत सरकार के वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक (SAFEMA/NDPS Act), मुंबई, SAFEMA (Smugglers and Foreign Exchange Manipulators Act) के तहत गठित प्राधिकरण है एवं न्यायालयीन व्यवस्था के अंतर्गत मुख्य रूप से गंभीर आर्थिक अपराधों, तस्करी और नशीले पदाथों (NDPS Act) के मामलों में अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्ति को फ्रीज, सीज और जब्त (Forfeiture) करने का काम करती है।
छत्तीसगढ़ शासन एवं पुलिस मुख्यालय की मंशानुरूप पुलिस कमिश्नर रायपुर डॉ. संजीव शुक्ला एवं पुलिस उपायुक्त मध्य जोन श्री उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन एवं अति० पुलिस उपायुक्त मध्य जोन श्री तारकेश्वर पटेल, अति० पुलिस उपायुक्त अपराध श्री अनुज कुमार गुप्ता एवं सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली श्री दीपक मिश्रा के मार्गदर्शन में रायपुर कमिश्नरेट में नशे के विरुद्ध व्यापक एवं बहुआयामी अभियान निरंतर संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत एक ओर जहां एनडीपीएस प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी, संपत्ति संबंधी वित्तीय जांच एवं PIT&NDPS के अंतर्गत डिटेंशन आर्डर जारी कराए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नवीन प्रकरणों में धरपकड़ एवं मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखाला को ध्वस्त करने की कार्रवाई भी लगातार जारी है।
