शेख आबिद
रायपुर। पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विगत नौ वर्षों से सतत सक्रिय सामाजिक संस्था “यीन आर्मी छत्तीसगढ़” द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में नदियों, तालाबों, जलाशयों एवं सार्वजनिक उद्यानों के संरक्षण हेतु निरंतर जनजागरण, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन एवं विधिक पहल की जाती रही है। जलस्रोत किसी भी शहर की जीवनरेखा होते हैं। इन्हीं से भूजल स्तर संतुलित रहता है, वर्षा जल का संचयन होता है तथा पर्यावरणीय संतुलन कायम रहता है। दुर्भाग्यवश रायपुर शहर के अनेक ऐतिहासिक एवं शासकीय तालाब आज अवैध कब्जे, पक्के निर्माण एवं भूमि पाटने की गतिविधियों से प्रभावित हो रहे हैं। यह केवल अतिक्रमण का विषय नहीं, बल्कि पर्यावरणीय सुरक्षा, नागरिकों के स्वास्थ्य तथा आने वाली पीढ़ियों के जल अधिकार से जुड़ा अत्यंत गंभीर प्रश्न है। ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ स्पष्ट रूप से मानती है कि तालाब केवल जलभराव की भूमि नहीं होते, बल्कि यह भूजल पुनर्भरण, पर्यावरणीय संतुलन, जैव विविधता संरक्षण तथा सामाजिक जीवन का आधार हैं। तालाबों का समाप्त होना भविष्य में जल संकट, की स्थिति तथा पर्यावरणीय असंतुलन को जन्म देगा।
इन्हीं परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए ग्रीन आर्मी उत्तीसगढ़ ने निर्णय लिया है कि तालाब, नदी एवं सार्वजनिक गार्डन की भूमि पर हो रहे प्रत्येक अवैध कब्जे के विरुद्ध संगठित अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक प्रभावित स्थल पर “तालाब एवं गार्डन संरक्षण समिति का गठन किया जाएगा। प्रशासनिक शिकायत के पश्चात यदि समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं होती है तो संस्था न्यायालय में जनहित
याचिका सहित विधिक कार्रवाई करेगी।
ग्रीन आर्मी द्वारा विधिक टीम का गठन किया जाएगा
यौन आर्मी उत्तीसगढ़ द्वारा तालाबों, नदियों एवं गार्डनो के संरक्षण हेतु एक सशक्त विधिक टीम का गठन किया जाएगा। इस प्रस्तावित टीम में 11 अधिवक्ताओं को शामिल किया जाएगा, जो जलस्रोतों पर हो रहे अतिक्रमण, अवैध निर्माण एवं सीमांकन संबंधी अनियमितताओं के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। यदि प्रशासनिक स्तर पर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्यवाही नहीं की जाती है, तो उक्त विधिक टीम द्वारा संबंधित प्रकरणों में विधिक नोटिस जारी तथा आवश्यकता पड़ने पर माननीय न्यायालय में जनहित याचिका दायर करना जैसी कार्यवाही की जाएगी।
ग्रीन आर्मी द्वारा नियमित ज्ञापन अभियान
ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ द्वारा तालाबों, नदियों एवं एवं गार्डनो पर हो रहे अतिक्रमण के विरुद्ध नियमित ज्ञापन अभियान संचालित किया जाएगा। संस्था द्वारा नगर निगम एवं संबंधित विभागों को लगातार ज्ञापन प्रस्तुत कर समयबद्ध एवं प्रभावी कार्रवाई की मांग की जाएगी। जब तक हमारी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं
गी, तब तक ग्रीन आर्मी स्थानीय जनता के साथ मिलकर प्रतिदिन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से नगर निगम को ज्ञापन सौंपती रहेगी। ग्रीन आर्मी शासन-प्रशासन से मांग करती है सभी तालाबों का विधिवत सीमांकन कर सार्वजनिक अभिलेख जारी किए जाएं तथा अवैध निर्माण पर तत्काल कठोर कार्रवाई की जाए। साथ ही नागरिकों एवं पर्यावरण प्रेमियों से अपील है कि तालाबों, नदियों एवं एवं गार्डनो पर हो रहे किसी भी अवैध कब्जे की सूचना प्रमाण सहित उपलब्ध कराएं।
सर्वोदय तालाब सर्वोदय नगर, पचपेडी नाका, रायपुर, रिंग रोड क्रमांक 2 से लगभग 100 मीटर की दूरी पर स्थित यह तालाब स्थानीय क्षेत्र का महत्वपूर्ण जलस्रोत है। वर्तमान में यहां तालाब क्षेत्र में अवैध निर्माण एवं कब्जे की गतिविधियां सामने आई हैं। नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, किंतु प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से अतिक्रमणकारियों के हौसले बढ़ते जा रहे हैं। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो तालाब का मूल स्वरूप एवं जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित होगा। महाराजबंध तालाब – दुधाधारी मंदिर के सामने, मठपारा, रायपुर स्थित यह ऐतिहासिक तालाब कभी लगभग 54 एकड़ क्षेत्र में विस्तृत था, जो वर्तमान में घटकर लगभग 30 एकड़ रह गया है। यह निरंतर अतिक्रमण एवं भूमि उपयोग परिवर्तन का परिणाम है, जो शहर की जलधारण क्षमता के लिए गंभीर खतरा है।
गजराज बांध (संतोषी नगर, मौरियाखुर्द, रायपुर)
गजराज बाध संनतर बरिया क्षेत्रका जो कभी सगमग 230 एक्ड क्षेत्रफल में विस्तृत था। निरंतर अतिक्रमण के कारण बर्तमान में इसका क्षेत्रपाल पटकर लगभग
एवं भूमि उपयोग परिवर्तन का परिणाम है, जो शहर की जलधारण क्षमता के लिए गंभीर खतरा है।
गजराज बांध (संतोषी नगर, बोरियाखुर्द, रायपुर)
गजराज बांध संतोषी नगर बोरियाखुर्द क्षेत्र का एक प्रमुख एवं ऐतिहासिक जलस्रोत है, जो कभी लगभग 230 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तृत था। निरंतर अतिक्रमण के कारण वर्तमान में इसका क्षेत्रफल घटकर लगभग 130 एकड़ से भी कम रह गया है, जो अत्यंत चिंताजनक है। तालाब की मेड़ (पार) पर भी अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे जलधारण क्षमता एवं संरचनात्मक सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो गया है। यह तालाब क्षेत्र के भूजल स्तर को संतुलित रखने तथा वर्षा जल संचयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ द्वारा प्रशासन से तालाब का पुनः सीमांकन, मेड से अतिक्रमण हटाने तथा संरक्षण कार्य तत्काल प्रारंभ करने की मांग की गई है, ताकि इस महत्वपूर्ण जलस्रोत को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सके।
डबरी तालाब प्रोफेसर कॉलोनी, दंतेश्वरी मंदिर के पीछे स्थित लगभग 7 एकड़ क्षेत्रफल का शासकीय तालाब (खसरा नंबर 1605/1) बताया जाता है। सूचना प्राप्त हुई है कि पूरे तालाब क्षेत्र को पाटकर बेचने का प्रयास किया जा रहा है।
करबला तालाब समता कॉलोनी, रायपुर में स्थित इस तालाब के एक हिस्से को पाटकर सड़क निर्माण किया गया था, जिस पर ग्रीन आर्मी द्वारा आपत्ति दर्ज कर कार्यवाही की मांग की गई थी। संस्था इस मामले की सतत निगरानी कर रही है।
राजातालाब यह तालाब लगभग पूर्णतः पाटकर समाप्त कर दिया गया है। यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि यदि समय रहते ठोस हस्तक्षेप नहीं हुआ तो अन्य तालाबों का अस्तित्व भी समाप्त हो सकता है। लालपुर तालाब (निस्तारी तालाब) रायपुर में लालपुर के निस्तारी तालाब को बिल्डर को बेच देने का मामला सामने आया था, जिसमें स्थानीय ग्रामीणों एवं निवासियों ने धरना देकर विरोध किया था। ग्रीन आर्मी इस आंदोलन ग्रामीणों के साथ है
खारुन नदी अमलेश्वर स्थित खारून नदी, पीतांबर मंदिर के पास खुरमुरा रोड एवं नदी किनारे के क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा किए जाने, जंगलों की कटाई करने तथा फार्म हाउस निर्माण किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में अनेक पेड़ों को काटा गया है, जिससे प्राकृतिक
नीवरण एवं नदी तट की पारिस्थितिकी को गंभीर क्षति पहुंच रही है। उक्त गंभीर स्थिति को देखते हुए *दिनांक 10 मार्च 2025 को सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। ग्रीन आर्मी, संस्था द्वारा संबंधित प्रकरण में त्वरित एवं कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। साथ ही ग्रीन आर्मी द्वारा इस संबंध में थाना प्रभारी अमलेश्वर, नगर पालिका परिषद अमलेश्वर के CMO, अनुविभागीय अधिकारी (SDM) पाटन, पुलिस अधीक्षक एवं संबंधित मंत्रियों को ज्ञापन सौंपकर अवैध कब्जा हटाने, वृक्षों की कटाई पर रोक लगाने तथा नदी तट क्षेत्र का सीमांकन कर संरक्षण सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
छठवां तालाब वार्ड क्रमांक 16 (खमतराई) जलाराम मंदिर के पीछे खमतराई स्थित जलाराम मंदिर के पीछे स्थित छठवां तालाब वर्तमान में लगभग 5 एकड़ क्षेत्रफल में शेष है। जानकारी के अनुसार इसमें से एक एकड़ से अधिक क्षेत्र में अवैध कब्जा किया जा चुका है, जिससे तालाब का मूल स्वरूप और जलधारण क्षमता प्रभावित हो रही है।
जोरा तालाब, रायपुरा (रायपुर) रायपुरा क्षेत्र स्थित जोरा तालाब में अतिक्रमण की शिकायतें सामने आ रही हैं। तालाब के किनारों एवं पार क्षेत्र में अस्थायी एवं स्थायी निर्माण किए जाने से इसका मूल जलक्षेत्र प्रभावित हो रहा है। लगातार हो रहे कब्जों के कारण तालाब की जलधारण क्षमता घट रही है तथा वर्षा जल संचयन की प्राकृतिक व्यवस्था बाधित हो रही है।
जोरा तालाब, रायपुरा – रायपुरा क्षेत्र में स्थित जोरा तालाब की स्थिति चिंताजनक है। तालाब के आसपास और पार तक पहुंचने का कोई स्पष्ट रास्ता नहीं बचा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के लिए इसे देखना और संरक्षण करना कठिन हो गया है।
बावा कुट्टी तालाब, रायपुरा-रायपुरा क्षेत्र का बावा कुट्टी तालाब भी गंभीर संकट में है। तालाब के आसपास मार्ग इतने अतिक्रमित हो गए हैं कि पहुंचना लगभग असंभव हो गया है।
तीन तरिया तालाब गोगांव तालाब पार में अतिक्रमण करके अज्ञात लोगों द्वारा कमरा निर्माण किया जा रहा था जिसे ग्रीन आर्मी टीम ने स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर रोका लेकिन प्रशासन द्वारा कोई भी कार्यवाही नहीं की गई।
