शेख आबिद

शुक्रवार रात फरार बांग्लादेशी को कुर्ला-शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन से दबोच लिया। आरोपी घुसपैठिया बताया गया है, जो मुंबई पुलिस को चकमा देकर कस्टडी से भाग गया था। मुंबई की ठाणे पुलिस से सूचना मिलने पर दुर्ग जीआरपी ने सर्चिग के दौरान यह कार्रवाई की। जीआरपी चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपी आजमिन शेख के पास वैध दस्तावेज (पासपोर्ट और वीजा) न होने के कारण मुंबई की ठाणे पुलिस ने उसे 8 महीने पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब 6 महीने 4 दिन जेल में रहने पर आरोपी की सजा पूरी होने के बाद उसके समेत अन्य बांग्लादेशियों को डिपोर्ट करने की तैयारी चल रही थी। इस बीच पुलिस को चकमा देकर युवक भाग निकला। 7 नवंबर को मुंबई पुलिस से इस बारे में सूचना दी। यह
5 हजार में बॉर्डर पार कर पहुंचा था मुंबई
भी बताया कि उसके पास भारत आने के लिए वैध दस्तावेज नहीं थे। उसके खिलाफ मुंबई ठाणे में केस दर्ज है। इस सूचना पर हमने सर्चिग की। आजमिन शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस से बंगाल जा रहा था। वह एस-1 कोच में मिल गया। गिरफ्तारी की सूचना के बाद छत्तीसगढ़ पहुंची मुंबई पुलिस आरोपी को साथ लेकर लौट गई।
पूछताछ में आजमिन ने बताया कि 11 महीने पहले शौफक नाम के व्यक्ति को 5 हजार रुपए देकर अवैध रूप से भारत में घुसपैठ की थी। बॉर्डर पर तैनात भारतीय सुरक्षाकर्मी से भी उसने मदद ली थी। मुंबई में शाकिब नामक व्यक्ति ने 5 हजार रुपए में उसे शेल्टर दिया। अब शाकिब मुंबई से बैंगलुरु शिफ्ट हो गया है। भारत में घुसपैठ के दौरान सबसे पहले वह बंगाल के सिलिगुड़ी पहुंचा, जहां से ट्रेन से हावड़ा और वहां से सीधे मुंबई चला गया।