नई दिल्ली । दिल्ली की सड़कों से लेकर कोर्ट तक, स्वयंभू बाबा चैतन्यानंद सरस्वती की कहानी अब और सनसनीखेज हो चली है। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को कोर्ट को बताया कि इस कथित साधु के खिलाफ अब गवाह को धमकाने की एक नई आपराधिक धारा जोड़ी गई है। 17 छात्राओं के साथ छेड़छाड़ के गंभीर आरोपों में फंसे 62 साल के चैतन्यानंद को पांच दिन की पुलिस हिरासत के बाद कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में खुलासा किया कि चैतन्यानंद
सरस्वती के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 232 को जोड़ा गया है, जो किसी गवाह को झूठी गवाही देने के लिए धमकाने से संबंधित है। यह कदम तब उठाया गया जब एक शिकायतकर्ता छात्रा ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद उसे धमकियां मिलीं।