रायपुर पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित संस्था ग्रीन आर्मी छत्तीसगढ़ ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर एक बेहद गंभीर और चौकाने वाले मामले का खुलासा किया है।

रायपुर जिले के आरंग तहसील के रीवा मंदिर गांव में 50 साल से भी पुराने 155 से अधिक विशाल पेड़ों की बेरहमी से अवैध कटाई की गई है, जिस पर डेढ़ साल बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले के आवेदक सतीश चंद्र अग्रवाल और ग्रीन आर्मी की टीम पिछले डेढ़ वर्षों से लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन प्रशासन की चुप्पी ने उन्हें आज प्रेस के सामने आने पर मजबूर कर दिया है।

मामले का विवरणः

यह घटना निजी भूमि खसरा नंबर 537,540, 543 और इससे सटी शासकीय भूमि खसरा नंबर 539/1 पर हुई है। इन जमीनों के मालिक श्रीमती सुषमा महाडीक, चांदनी महाडीक और रंजनी महाडीक पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी वैध अनुमति के इन विशाल वृक्षों को काट दिया। ये पेड़ न सिर्फ पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण थे, बल्कि ये उस क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता और जैव विविधता का भी अभिन्न हिस्सा थे।

न्याय की धीमी रफ्तारः एक सवालिया निशान

आवेदक सतीश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि इस घटना के बाद राजस्व और वन विभाग

की पुष्टि हुई, और इस पर स्वयं भूमि मालिकों के हस्ताक्षर भी हैं। पंचनामा का पेपर भी

द्वारा 06.03.2024 को एक संयुक्त पंचनामा किया गया था। इस पंचनामे में अवैध कटाई इस प्रेस नोट के साथ संलग्न है। यह पंचनामा एक पुख्ता सबूत है, फिर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामला अभी भी SDM (अनुविभागीय दंडाधिकारी) के पास धूल फांक रहा है।

हमारी मुख्य मांग है कि इस गंभीर अपराध में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई हो। प्रशासन की यह उदासीनता भविष्य में ऐसे और अपराधों को बढ़ावा देगी।
[04/08, 2:24 pm] shaikhabid7091: अन्य उदाहरण जो शासन-प्रशासन और नगर निगम की उपेक्षा दर्शाते हैं:

ग्रीन आर्मी ने यह भी बताया कि यह अकेला मामला नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन और नगर निगम के गैर जिम्मेदाराना रवैये को दर्शाता है।

डीडीयू नगर (डीडवालिया कोलोनी): 35 साल पुराने पेड़ों की अवैध कटाई का मामला, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

प्रदर्शनी नगरः गार्डन की जमीन पर अवैध निर्माण, जिसे हमने कोर्ट के आदेश से रुकवाया, लेकिन दोषियों पर अभी भी कोई सजा नहीं हुई है।

ग्रीन आर्मी पिछले 8 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अथक प्रयास कर रही है। हम तब तक इस लड़ाई को जारी रखेंगे, जब तक इन पेड़ों के लिए न्याय नहीं मिल जाता।