आज की प्रेसवार्ता में पधारे समस्त सम्माननीय पत्रकार बंधुओं को मैं संतोष कुमार टोण्डे प्रदेश सचिव छ.ग. दिव्यांग सेवा संघ एवं समस्त दिव्यांग संघ के तरफ से सादर नमस्कार, जय जोहार, प्रणाम हम अपनी बात रख रहे है फिर आप लोग अंतिम में सवाल रख सकते हैं।
अब नई सहीबो अपन अधिकार लेके रहिबो, जैसा के आप सबको विदित है कि हमारे छ.ग. के समस्त दिव्याग संघ के द्वारा अनेकों बार प्रेसवार्ता कर छतीसगढ़ में फर्जी दिव्यांगता प्रमाण पत्र से नौकरी कर रहे लोगों के नाम को खुलासा करते हुए पेंशन तथा अन्य अधिकार एवं संरक्षण संबंधित बाते रखी गई थी। हमारे संघ के 6 प्रमुख मागे निम्नानुसार है।
1-
हमारे संघ के शिकायती पत्रों में उल्लेखित छ.ग. पी.एस.सी से चयनित 7 डिप्टी कलेक्टर, 3 लेखा अधिकारी, 3 नायब तहसीलदार 2 सहकारिता निरीक्षक, 3 पशु चिकित्सक सहित 148 समस्त फर्जी दिव्यांग जनों का संभाग/राज्य मेडिकल बोर्ड से दिव्यांगता का भौतिक परीक्षण कराकर फर्जीयो को तत्काल बर्खास्त किया जावे।
2-समस्त विभाग में दिव्यांग कोटे के वैकलॉग पदो पर विशेष भर्ती अभियान विज्ञापन जारी किया जावे।
3 दिव्यांगजनों का पेंशन बढ़ाकर प्रतिमाह 5000 रु मासिक पेंशन दिया जाये। बी.पी.एल. की बाध्यता खत्म किया जावे।
- 21 वर्ष से अधिक आयु के अविवाहित दिव्यांग युवती को महतारी वंदन योजना में शामिल
किया जावे। शासकीय पदो पर नियुक्त दिव्यांग शासकीय अधिकारीयो/कर्मचारियो को पदोन्नति पर 3
5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है जिसे कोई विभाग पालन नहीं कर रहा है। शासन के निर्धारित मापदंड अनुसार 3 प्रतिशत पदो पर 1-11-2000 से पदोन्नत पदो की गणना कर तत्काल उसके 3 प्रतिशत पर तत्काल पदोन्नति प्रदान करे। इस हेतु परिपत्र जारी किया जावे।
6 कोरोना काल के पूर्व स्वरोजगार हेतु फर्जी दिव्यांगजनो के द्वारा लिए गए वित्त निगम के कर्ज वसूली किया जावे एवम वास्तविक दिव्यांगों को बिना गारंटर के लोन दिया जाये।
हमारा संघ विगत 3 वर्ष से अपने छः सुत्रीय मांगो को लगातार पत्राचार, धरना प्रदर्शन, पैदल मार्च भूख हड़ताल एवं मंत्रालय घेराव किये है। 25 से 27 सितंबर 2023 को हमारे द्वारा मुंगेली बिलासपुर एवं रायपुर में पैदल मार्च किया गया था। इसके बाद दिनांक 26-08-2024 को माननीय मुख्यमंत्री जी कके द्वारा हमारे संघ के प्रतिनिधि मंडल से चर्चा किया गया। हमारे 6 बिन्दु के मांग को 1 माह के अंदर पूर्ण करने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद दिनाक 28-08-2024 को रायपुर में विशाल दिव्यांगजन स्वाभिमान पैदल मार्च स्थगित किया गया। जिसके बाद मुख्यमंत्री जी के वादाखिलाफी के कारण हम लोग 3 दिसम्बर 2024 को अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के दिन समस्त दिव्यांग संघ ने रायपुर में दिव्यांग दिवस का बहिष्कार करने आये थे। लेकिन आप सभी को पता है कि टिकरापारा साहू समाज भवन में पुलिस एवं प्रशासन ने 2 दिसम्बर 2024 को हमें हाउस अरेस्ट कर लिया था।
इस पैदल मार्ग का फोटो वीडियो आप यूट्यूब वगैरह में देख सकते हैं। यह आपके दिल को कचोट के रख देगा।
हमारे संघ के प्रतिनिधि महल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साथ जी, श्री विजय शर्मा जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे श्री रामविचार नेताम जी, श्री ओ.पी. चौधरी जी एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमण सिंह जी से मिलकर अपने 6 बिंदु पर मांग रख चुके हैं।
अब हम लोग बहुत सह चुके अब और नहीं सहेंगे। हम लोग राजधानी के सड़कों में दिनांक 26 मार्च 2025 को विशाल दिव्यांगजन स्वाभिमान पैदल मार्च मरीन डाइव से जय स्तंभ चौक तक की पैदल यात्रा करने उतरे थे लेकिन पुलिस प्रशासन के द्वारा हमें बलपूर्वक बंधक बनाकर 5 दिनों तक मरीन ड्राइय में रखे थे। दिनांक 30/03/2025 को रात 3-4 बजे के बिच 400 से 500 पुलिस बल (सिविल देत्स में) द्वारा एएसपी लखन पटले एवं एडिशनल कलेक्टर रागपुर के आदेशानुसार मरीन ड्राइव में उपस्थित समस्त दिव्यांगजनों को सोये नींद में भेड-बकरी की तरह उठा-उठाकर बरा में भरकर तूता धरना स्थल में लाकर छोड दिया गया तबसे आजतक हमलोग धरने पर बैठे है।
इस दौरान समस्त दिव्यागजनों द्वारा निम्न गतिविधि किया गया भूख हड़ताल, शासन का सामूहिक पिंडदान किया गया, जल-समाधी, सरकार के नाम पर सड़को पर भीख मांगा, मंत्रालय घोराव एवं प्रदेश में 90 विधानसभा में से माननीय श्री चरणदास महंत नेता प्रतिपक्ष, माननीय श्री भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री) सहित 56 विधायक गणों को हमने आवेदन निवेदन कर समस्त राजनितिक दलों को अपनी मांग का ज्ञापन सौंपे है एवं छत्तीसगढ़ से सांसद माननीय श्री बृजमोहन अग्रवाल, माननीय श्री भोजराज नाग, माननीय श्री संतोष पाण्डेय, माननीय श्री राधेश्याम राठिया एवं माननीय श्री विजय बघेल सहित समस्त सांसद गणों को हमने आवेदन निवेदन निवेदन कर ज्ञापन सौंपे है ताकि हमारी माग विधानसभा एवं लोकसभा दोनों तक पहुंचे।
हमारा धरना प्रदर्शन 26 मार्च से अनिश्चितकालीन जारी है तथा हमारे सतत् प्रयास से माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा फर्जी दिव्यांगो का दिव्यांगता का भौतिक परिक्षण के लिए समस्त विभागों को आदेशित किया गया एवं 10 जुलाई तक दिव्यांगता का गौतिक परिक्षण कराकर समस्त दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना है, इस दिव्यांगता के भौतिक परिक्षण के दौरान सिर्फ 3-4 लोग ही उपस्थित हुए और जो लोग दिव्यांगता का भौतिक परिक्षण नहीं करा रहे है उनपर सख्त से सख्त एवं तत्काल निष्पक्षतापूर्वक कार्यवाही किया जावे एवं हमारी छः सुत्रीय मांगो को 15/07/2025 तक पूरा किया जावे।
यदि शासन प्रशासन द्वारा तब भी मांग पूरा नहीं किया जाता है तो दिनांक 16/07/2025 को मजबूरन दिव्यांगजनों द्वारा भारी संख्या में छतीसगढ़ विधानसभा का घेराव किया जायेगा इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होता है तो उसके लिए शासन प्रशासन स्वयं जिम्मेदार हागा।
इस पैदल मार्ग का फोटो वीडियो आप यूट्यूब वगैरह में देख सकते हैं। यह आपके दिल को कचोट के रख देगा।
हमारे संघ के प्रतिनिधि महल मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साथ जी, श्री विजय शर्मा जी, मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाडे श्री रामविचार नेताम जी, श्री ओ.पी. चौधरी जी एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमण सिंह जी से मिलकर अपने 6 बिंदु पर मांग रख चुके हैं।
अब हम लोग बहुत सह चुके अब और नहीं सहेंगे। हम लोग राजधानी के सड़कों में दिनांक 26 मार्च 2025 को विशाल दिव्यांगजन स्वाभिमान पैदल मार्च मरीन डाइव से जय स्तंभ चौक तक की पैदल यात्रा करने उतरे थे लेकिन पुलिस प्रशासन के द्वारा हमें बलपूर्वक बंधक बनाकर 5 दिनों तक मरीन ड्राइय में रखे थे। दिनांक 30/03/2025 को रात 3-4 बजे के बिच 400 से 500 पुलिस बल (सिविल देत्स में) द्वारा एएसपी लखन पटले एवं एडिशनल कलेक्टर रागपुर के आदेशानुसार मरीन ड्राइव में उपस्थित समस्त दिव्यांगजनों को सोये नींद में भेड-बकरी की तरह उठा-उठाकर बरा में भरकर तूता धरना स्थल में लाकर छोड दिया गया तबसे आजतक हमलोग धरने पर बैठे है।
इस दौरान समस्त दिव्यागजनों द्वारा निम्न गतिविधि किया गया भूख हड़ताल, शासन का सामूहिक पिंडदान किया गया, जल-समाधी, सरकार के नाम पर सड़को पर भीख मांगा, मंत्रालय घोराव एवं प्रदेश में 90 विधानसभा में से माननीय श्री चरणदास महंत नेता प्रतिपक्ष, माननीय श्री भूपेश बघेल (पूर्व मुख्यमंत्री) सहित 56 विधायक गणों को हमने आवेदन निवेदन कर समस्त राजनितिक दलों को अपनी मांग का ज्ञापन सौंपे है एवं छत्तीसगढ़ से सांसद माननीय श्री बृजमोहन अग्रवाल, माननीय श्री भोजराज नाग, माननीय श्री संतोष पाण्डेय, माननीय श्री राधेश्याम राठिया एवं माननीय श्री विजय बघेल सहित समस्त सांसद गणों को हमने आवेदन निवेदन निवेदन कर ज्ञापन सौंपे है ताकि हमारी माग विधानसभा एवं लोकसभा दोनों तक पहुंचे।
हमारा धरना प्रदर्शन 26 मार्च से अनिश्चितकालीन जारी है तथा हमारे सतत् प्रयास से माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा फर्जी दिव्यांगो का दिव्यांगता का भौतिक परिक्षण के लिए समस्त विभागों को आदेशित किया गया एवं 10 जुलाई तक दिव्यांगता का गौतिक परिक्षण कराकर समस्त दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना है, इस दिव्यांगता के भौतिक परिक्षण के दौरान सिर्फ 3-4 लोग ही उपस्थित हुए और जो लोग दिव्यांगता का भौतिक परिक्षण नहीं करा रहे है उनपर सख्त से सख्त एवं तत्काल निष्पक्षतापूर्वक कार्यवाही किया जावे एवं हमारी छः सुत्रीय मांगो को 15/07/2025 तक पूरा किया जावे।
यदि शासन प्रशासन द्वारा तब भी मांग पूरा नहीं किया जाता है तो दिनांक 16/07/2025 को मजबूरन दिव्यांगजनों द्वारा भारी संख्या में छतीसगढ़ विधानसभा का घेराव किया जायेगा इस दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना घटित होता है तो उसके लिए शासन प्रशासन स्वयं जिम्मेदार हागा।
दिव्यांग एकता जिंदाबाद, जय छतीसगढ़, जय भारत जय हिन्द
