छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल की धरती, जहाँ घने जंगलों की छांव है, आदिवासी संस्कृति की गूंज है और साथ ही जारी है जल जंगल ज़मीन के नाम पर रक्तपात और सम्पदाओं की लूट।

इन्हीं जटिल परिस्थितियों और द्वंद्व के बीच जन्म लेती है छत्तीसगढ़ी फीचर फिल्म “माटी” की कहानी। जब बंदूक की भाषा में संवाद होने लगे, तब प्रेम सबसे बड़ा प्रतिरोध बन जाता है। यह सिर्फ एक प्रेम कहानी नहीं, बल्कि बस्तर की सामाजिक, राजनैतिक और मानवीय त्रासदी का जीवंत चित्रण है।

प्रोडक्शन – चन्द्रिका फ़िल्म प्रोडक्शन

कथा एवं निर्माण – सम्पत झा

पटकथा/छायांकन/संपादन/निर्देशन अविनाश प्रसाद

सहायक निर्देशक – मनोज पाण्डेय, आशुतोष प्रसाद

कैमरा असिस्टेंट – आदित्य प्रसाद, पदम नाथ कश्यप

गीत – संगीत – मनोज पाण्डेय, संतोष दानी, यशपाल ठाकुर, दिलीप पाण्डेय

नृत्य निर्देशन – राकेश यादव, भूमिका साहा

रूपसज्जा – परिधान – राकेश यादव, रीना बघेल, सविता रामटेके, नीलिमादास मानिकपुरी

बैकग्राउंड म्युज़िक – अमित प्रधान

आडियोग्राफी – नीरज वर्मा

वितरण – लक्की रंगशाही

ग्राफ़िक्स – चिली फिल्म्स

पोस्टर डिज़ाइनिंग – मंडल ग्राफ़िक्स

ट्रेक रिकार्डिंग – मिलन स्टूडियो

पोस्ट प्रोडक्शन – श्री प्रसाद फिल्म्स

प्रोडक्शन कंट्रोल – शिराज़ गाज़ी

डिजिटल पार्टनर – दिग्विजय वर्मा, क्रिएटिव विज़न