रायपुर, 4 नवंबर। दीवाली से पहले छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के मोबाइल में खुशियों की घंटी बज उठी है। महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त जारी होने से प्रदेश की लाखों महिलाओं को त्योहार के पहले आर्थिक संबल मिला है। राज्योत्सव के समापन समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपस्थिति में योजना की किस्त जारी की। इसके तहत प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये अंतरित किए गए।
67 लाख से अधिक महिलाओं को मिला किस्त से ई-केवाईसी पूर्ण करा चुकीं 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राहियों को लाभ मिला। इसके अलावा नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्रों की 6,908 महिलाओं को भी योजना की राशि प्रदान की गई। योजना के तहत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।
33 किस्तों में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना शुरू की थी। योजना के माध्यम से अब तक 33 किस्तों में पात्र महिलाओं के खातों में 21 हजार 350.50 करोड़ रुपये अंतरित किए जा चुके हैं। नियमित आर्थिक सहायता से महिलाएं परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ अपनी छोटी-छोटी इच्छाओं और आवश्यकताओं को भी पूरा कर पा रही हैं।
महिलाओं की खरीदारी से बाजारों में बढ़ी रौनक
महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि का सकारात्मक असर बाजारों में भी दिखाई दे रहा है। करवाचौथ से शुरू हुआ महिलाओं की खरीदारी का सिलसिला दीवाली तक जारी है। आर्थिक रूप से सक्षम होने से महिलाएं त्योहारों पर खरीदारी कर रही हैं, जिससे व्यापारियों को भी लाभ मिल रहा है। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से घर के मुखिया पर आर्थिक बोझ भी कम हो रहा है।
आर्थिक सहायता से बढ़ रहा आत्मविश्वास
महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है। शासन की सहायता जब जरूरतमंद तक पहुंचती है, तो वह किसी महिला के लिए आत्मविश्वास, किसी परिवार के लिए उम्मीद, किसी बेटी के लिए सुरक्षित भविष्य और किसी बच्चे के लिए स्वस्थ जीवन की शुरुआत बन जाती है। दीवाली से पहले जारी हुई योजना की 33वीं किस्त ने प्रदेश की लाखों महिलाओं के घरों में खुशियों की नई रोशनी भर दी है।