आबिद रायपुर

आरोपी शातिर ठग ’’चार्ल्स शोभराज से था प्रभावित

स्वयं को फॉरेनर गाईड, इंग्लिश टीचर तथा योगा टीचर बताकर महंगे होटलों में देता था ठगी की घटना को अंजाम

पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता के संयुक्त मॉनिटरिंग में एण्टी क्राईम एण्ड साइबर यूनिट रायपुर तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त कार्यवाही।

थाना तेलीबांधा स्थित होटल हयात में दिया था घटना को अंजाम।

आरोपी है मूलतः तमिलनाडू का निवासी

आरोपी वर्ष 1996 में सर्वप्रथम गया था तिहाड़ जेल।

वर्ष 1990 से देश के विभिन्न राज्यों के जेलों तथा महंगे होटलों में ही गुजारा है अपना समय।

घटना के 72 घंटे के भीतर एण्टी क्राईम एण्ड साइबर यूनिट रायपुर की टीम द्वारा आरोपी को चिन्हांकित कर किया गया गिरफ्तार।

आरोपी द्वारा देश भर के अलग-अलग राज्यों में 300 से अधिक होटलों पर इसी तरीका वारदात के आधार पर दिया गया है ठगी की घटनाओं को अंजाम।
सिर्फ महंगे होटलों को बनाता था निशाना। होटल की सुविधाओं का उपयोग कर होटल के उपकरणों को चोरी कर बिना बिल भुगतान किये हो जाता था फरार।
आरोपी के कब्जे से 01 नग लैपटॉप किया गया है जप्त।
आरोपी के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 284/26 धारा 318(4) बीएनएस का अपराध किया गया है पंजीबद्ध।
प्रार्थी सूरज सिंह ने थाना तेलीबांधा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह होटल हायात में सिक्योरिटी इंचार्ज के पद पर कार्यरत है। दिनांक 25.06.2026 को भीमसेंट जॉन होटल के एक कमरे में ठहरा था। दिनांक 27.06.2026 को प्रातः लगभग 07ः44 बजे वह बिना चेक-आउट प्रक्रिया पूर्ण किए होटल से चला गया। जाते समय उसने होटल का 63,755/- रूपये का बकाया बिल जानबूझकर अदा नहीं किया तथा अपने विशेष अनुरोध पर किराये पर उपलब्ध कराए गए लगभग 1,48,000/- रूपये मूल्य के लैपटॉप को भी साथ ले गया। होटल प्रबंधन द्वारा उसके मोबाईल नंबरों पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों नंबर बंद मिले। साथ ही, उसके द्वारा न तो होटल से कोई संपर्क किया गया और न ही बकाया राशि का भुगतान अथवा लैपटॉप वापस करने का कोई प्रयास किया गया। इस प्रकार उसने छल एवं बेईमानी की नियत से होटल की सेवाओं का लाभ उठाकर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तथा होटल की संपत्ति का गबन कर धोखाधड़ी की। प्रार्थी की रिपोर्ट पर आरोपी के विरूद्ध थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 284/26 धारा 318(4) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध किया गया।
घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) श्री स्मृतिक राजनाला तथा पुलिस उपायुक्त (मध्य जोन) श्री उमेश प्रसाद गुप्ता द्वारा अधीनस्थ अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को आरोपी की पतासाजी कर शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में एण्टी क्राइम एण्ड साइबर यूनिट एवं थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घटना के संबंध में प्रार्थी से विस्तृत पूछताछ कर आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया गया।
टीम के सदस्यों द्वारा आरोपी द्वारा होटल में उपलब्ध कराये गये दस्तावेज व मोबाईल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। विश्लेषण के दौरान आरोपी को उडीसा के भुवनेश्वर में लोकेट किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में टीम के सदस्यों को उडीसा रवाना किया। टीम के सदस्यों द्वारा उडीसा के भुवनेश्वर पहुंचकर आरोपी की पतासाजी करते हुये आरोपी बिंगसन जॉन को पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपी बिंगसन जॉन ने देश में वर्ष 1990 से अबतक 300 से अधिक होटलों निशाना बनाया है, वह अब तक देश के विभिन्न राज्यों के जेल में 15 वर्षो से अधिक निरूद्ध रहा है। तिहाड़ जेल में निरूद्ध रहने के दौरान उसका कई बड़े अपराधियों के सम्पर्क में रहा है तथा शातिर ठग चार्ल्स शोबराज से प्रभावित होकर स्वयं को फॉरेनर ट्रैवल गाईड, इंग्लिश टीचर और योगा टीचर बताकर ठगी की घटना को अंजाम दिया है। आरोपी वर्ष 1996 से अबतक जेल और महंगे होटलो में ही अपना समय गुजारा है उसके द्वारा जेल और जेल से छुटते ही किसी भी 5स्टार होटल को अपना टारगेट बनाता था।
आरोपी बिंगसन जॉन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 01 नग लैपटॉप जप्त कर कार्यवाही किया गया।
गिरफ्तार आरोपी – बिंगसन जॉन पिता ज्ञान प्रकाश उम्र 69 साल निवासी नटराजपुरम स्ट्रीट कील रसडी जिला तूतीकूरीन थाना तूतीकूरीन तमिलनाडू।