आबिद रायपुर

(1) बायलाज (पंजियक नियमावली) को दरकिनार करते हुए समाज के प्रत्येक 18 वर्ष से ऊपर पुरूष व महिलाओं से भी 50 की शुल्क वसूलना।
(2) प्रत्येक 18 वर्ष से ऊपर परिवार के सदस्यों से सदस्यता शुल्क किस आधार पर लिया जा रहा है पूछने पर या बायलाज की कापी मांगने पर (कहां लिखा है) उन्हें समाज विरोधी गतिविधियों में शामिल होना करार देते है एवं उनसे सदस्यता शुल्क नहीं लेकर उन्हें समाज का सदस्य नहीं मानते। समाज के दशगात्र व मांगलिक कार्यों में शामिल होने से रोकने का प्रयास करना।
(3) समाज के (पंजियक बायलाज) नियमावली प्रत्येक व्यक्ति को समाज का सदस्य बनना चाहिए बायलाज में उल्लेखित तथ्य का हवाला देकर 50/- (पचास रूपये) सदस्यता शुल्क वसूली करना गलत है, जबकि पूर्व केन्द्रित अध्यक्ष द्वारा उक्त 50/- (पचास रूपये) को संशोधन कर 10/- (दस रूपये) सदस्यता शुल्क निर्धारित किया गया था। जिसका उदाहरण स्वरूप संपूर्ण समजा में 10/- दस रूपये की सदस्यता शुल्क काटा गया व निर्वाचन हुआ किन्तु वर्तमान अध्यक्ष क्या केन्द्रित समिति में अनुमोदन किए बिना 50/- पचास रुपये सदस्तया शुल्क लेना अनुचित है जबकि महिलाओं के लिए बायलाज में कही भी सदस्यता शुल्यका का उल्लेख ही नहीं है फिर भी केन्द्रिय समिति में प्रस्ताव व अनुमोदन किए बिना महिलाओं व 18 वर्ष से उपर सभी पारिवारिक सदस्यों का 50/ पचास रुपये शुल्क लेना अनुचित है।
सदस्यता शुल्क को धन इयक‌ट्ठा करने का जरीया बनाना अनुचित है यदि आपका (समाज) का दायित्व धन इक्क‌ट्ठा करना ही है तो बा यलाज (नियमावली) में उल्लेखित 10000/- दस हजार रूपये संरक्षक के लिए 5000/- (पाच हजार रूपये) आजिवन सदस्य के लिए इसके लिए आपके केन्द्रिय टीम (पदाधिकारीयों) को प्रयास करना चाहिए।
(4) सूचना के अधिकार के तहत पंजियक कार्यालय के बायलाज, आय-याय का ब्योरा मगाने पर (कापी मिलने पर) जानकारी प्राप्त हुई उसने आय-व्यय का ब्यौरा स्पष्ट नहीं है।
(5) पंजियक कार्यालय द्वारा बक्सर राजपूत क्षत्रिय समाज छ०ग० को 2 बार कमश 26/7/2024 एवं 20/09/2024 को अध्यक्ष/सचिव को पत्र जारी किया गया जिसका जवाब 07/08/25 तक नहीं दिया गया।
(6) समाज के ही वरिष्ठ सदस्यों द्वारा वर्ष-05/04/2022 को 16 बिन्दुओं का एक आरोप पत्र केन्द्रिय अध्यक्ष व चारी परिक्षेत्र के क्षेत्रिय अध्यक्ष को दिया गया था जिसका जवाब व निराकरण आज दिनांक तक नहीं किया गया है अतः आज प्रेस के माध्यम से करने पर बाध्य है।